Category: Media

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पत्रकार जी! अभिव्यक्ति की आज़ादी सबको बराबर है!

हमारे देश के अंदर एक खास वर्ग ऐसा है जिसने अभिव्यक्ति की आजादी को भी “कंडीशनल टर्म्स” में बांट दिया है. कहने का मतलब यह है कि अभिव्यक्ति की आजादी

एग्जिट पोल्स पर ही बिफर पड़े पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’; टीवी स्टूडियो में जारी हुआ वैचारिक ब्लैकआउट

पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’ इस समय विचित्र ‘जात संकट’ में फंसे हुए हैं. समझ में यह नहीं आ रहा है कि पांच साल एड़ियां रगड़ने के बाद भी वैचारिक मतभेद

क्वीन एलिज़ाबेथ को भी मुँह चिढ़ाती लक्ष्यद्वीप में राजीव गाँधी की वो पार्टी…

लक्ष्यद्वीप में दस लोगों की पार्टी चल रही है. पार्टी में अन्य मेहमानों को भी बुलाया जाता है. मेहमानों की लिस्ट देखिये – अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनके तीन

एडिटर्स गिल्ड का खानापूर्ति करता पत्र, बंगाल में हुई पत्रकारों के ख़िलाफ़ हिंसा में ममता दीदी से नहीं कोई सवाल

कुछ ही दिन पहले एडिटर्स गिल्ड के चीफ़ शेखर गुप्ता ने ममता बैनर्जी के बारे में लिखा था कि ममता ही मोदी शाह की ज़हरीली राजनीति का एक मात्र जवाब

अक्षय ने राहत कोष में दिए एक करोड़ रुपए दान, नागरिकता पर टाँग खीचने वाले अब चुप

कुछ ही दिनो पहले अक्षय कुमार ने ट्विटर पर एक नोट में यह बात साझा की कि उनका मन इस बात से दुखता है कि लोग बार बार उनकी नागरिकता

क्या राहुल गांधी के सामने झुक गया इंडिया टुडे?

कल राहुल गांधी द्वारा इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया गया. इंटरव्यू में क्या हुआ या क्या नहीं यह तो आप उसको देखने के बाद ही समझ पाएंगे, लेकिन सूत्रों

मुद्दों के अकाल के बीच में चुनाव प्रभावित करते बचकाने तर्क

देश के अंदर राजनीतिक मुद्दों को लेकर हमेशा से एक बड़ी बहस चलती आई है. लोगों का अलग मत होने के पश्चात भी हमारे देश में हमेशा से एक राजनैतिक

असहिष्णुता ब्रिगेड की राष्ट्रवाद विरोधी खीझ

देश में एक विचारधारा ऐसी भी चल रही है जो सब मर्यादाओं को भूल चुकी है. जिसने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि राजनैतिक क्षेत्र में क्या

‘द ताशकंत फाइल्स’ को मिस न करें

अरसों बाद एक फिल्म आती है जो आपको उन सभी मुद्दों पर सवाल पूछने के लिए मजबूर करती है, जिस पर हमें बचपन से ही विश्वास करने के लिए सिखाया