Category: Left Politics

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एडिटर्स गिल्ड का खानापूर्ति करता पत्र, बंगाल में हुई पत्रकारों के ख़िलाफ़ हिंसा में ममता दीदी से नहीं कोई सवाल

कुछ ही दिन पहले एडिटर्स गिल्ड के चीफ़ शेखर गुप्ता ने ममता बैनर्जी के बारे में लिखा था कि ममता ही मोदी शाह की ज़हरीली राजनीति का एक मात्र जवाब

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकारों को चुभ गयी एक युवा की अभिव्यक्ति

इस देश के अंदर चुनावी माहौल के बीच में यह देखना बहुत दिलचस्प हो गया है कि लोग किस प्रकार से अपने पसंदीदा नेता का प्रचार कर रहे हैं. नेताओं

पूंजीवाद के खिलाफ लड़ते आधुनिक पूंजीवादी ‘वामपंथी’

बेगूसराय में खड़े कन्हैया कुमार के लिए जिस प्रकार का समर्थन हमें देखने को मिल रहा है वह आश्चर्यजनक है. इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक यह बात है कि जिन लोगों

मुद्दों के अकाल के बीच में चुनाव प्रभावित करते बचकाने तर्क

देश के अंदर राजनीतिक मुद्दों को लेकर हमेशा से एक बड़ी बहस चलती आई है. लोगों का अलग मत होने के पश्चात भी हमारे देश में हमेशा से एक राजनैतिक

पीसी चाको के बयान से झलक रहा है कांग्रेस का अंतर्द्वंद

आज देश को एक बड़ा फैसला करना है. देश में चुनाव हो रहे हैं तो नई सरकार का चुनाव करना एक बड़ा फैसला होता है. लेकिन आज हम देश के

‘द ताशकंत फाइल्स’ को मिस न करें

अरसों बाद एक फिल्म आती है जो आपको उन सभी मुद्दों पर सवाल पूछने के लिए मजबूर करती है, जिस पर हमें बचपन से ही विश्वास करने के लिए सिखाया

साध्वी प्रज्ञा पर लिबरल चिल्ल-पों से उभरे सवाल

साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से नामांकित होने के बाद से ही मीडिया और लिबरल समाज यह साबित करने में लगा है की बीजेपी ने अपना असली रूप दिखा दिया और

लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार है इंटेलेक्चुअल असहिष्णुता!

लोकतंत्र में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं होती हैं. यहां दूसरे की बातों को उतनी ही ध्यान से सुना जाता है जितने ध्यान से अपनी बातों को रखा जाता है. विचारों

कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती मुस्लिम आबादी की बात क़बूली, माँगा मुस्लिम नेता के लिए टिकट

ध्रुवीकरण तो होता ही है. पर कांग्रेस और लेफ्ट की पार्टियों द्वारा जिस तरह का ध्रुवीकरण किया जाता है उसकी कोई सीमा नहीं. दिल्ली के पांच वरिष्ठ नेताओं ने राहुल