Category: ग्राउंड रिपोर्ट 2019 चुनाव

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प्रेस वार्ता में भी दिखी दो परस्पर विरोधी वैचारिक दलों के बीच मुद्दों की समानता, जो बहुत से लोगों की नज़रों से छूट गयी.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस, दोनों की ही प्रेस कांफ्रेंस थी. कहने सुनने के लिए बहुत से अवसर थे लेकिन एक बहुत बड़ा अंतर इन दोनों ही प्रेस कांफ्रेंसेस में

तस्वीरों में टीपू और बुआ के बीच नज़र आये पत्रकारिता के ‘निष्पक्ष बाबू!’ उसूलों की भावनाएं आहत!

महागठबंधन का एक मंच सजा हुआ है. बड़े से सफेद रंग के सोफे पर मायावती बैठी हुई है और उसी एक मंच पर अखिलेश यादव भाषण दे रहे हैं. दोनों

मोदी पर अंधाधुंध हमले करते राहुल गाँधी हुए जवाब से आहत!

राहुल गांधी इस समय बहुत गुस्से में है. जाहिर सी बात है कि राहुल गांधी के साथ पूरी पार्टी गुस्से में होगी. कांग्रेस पार्टी का एक गुस्सा इसलिए भी है

लोकतंत्र पर जड़े थप्पड़ के पीछे हैं केजरीवाल?

आज देश की राजनीति का एक और काला अध्याय लिख दिया गया. अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली की एक लोकसभा सीट पर रैली के लिए निकले थे. रैली थोड़ी आगे ही

भीड़तंत्र से डरते पत्रकारों के सवाल!

एक लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक कैसे बनता है. इसका जरा आप एक उदाहरण देखिए. प्रियंका गांधी अपने भाई और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी

आख़िर महिलाओं के लिए क्या किया महिला विरोधी मोदी सरकार ने ?

मोदी सरकार को हमेशा ही महिला विरोधी और रूढ़िवादी बोलकर काम आँका गया है. सरकार कोई अच्छी स्कीम भी निकालती है तो उसे तोड़ मरोड़कर ऐसे पेश किया जाता है

यूँ नहीं बन गए मोदी हिंदू हृदय सम्राट

“श्वेता! मैं आशुतोष बोल रहा हूँ. मैं ये जानना चाहता हूं कि क्या ये आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? क्या इस समय धर्म के नाम का इस्तेमाल सही है.“

क्या कांग्रेस द्वारा करकरे का हिंदुओं के खिलाफ षडयंत्र रचने में हुआ इस्तेमाल

कल ट्विटर पर साध्वी प्रज्ञा के शहीद हेमंत करकरे के लिए लगाए गए इलज़ाम के बाद आलोचनाओं से भर गया.बीजेपी समर्थक भी इस बयान से खुश नहीं थे. पर एक

तो क्या सच में राहुल गांधी और राहुल विंची एक ही व्यक्ति है?

देश में एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष के ऊपर एक संगीन आरोप लगा है है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी के ऊपर अपने चुनावी एफिडेविट में गलत जानकारी

ओपिनियन पोल के पीछे का गणित

लोकसभा चुनाव 2019 आरम्भ हो चुके है. हालांकि इसके नतीजे तो 23 मई को ही पता चलेंगे लेकिन इन डेढ़ महीनों में हम ओपिनियन पोल्स की बाढ़ देखेंगे. हर चैनल