Category: Congress

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एग्जिट पोल्स पर ही बिफर पड़े पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’; टीवी स्टूडियो में जारी हुआ वैचारिक ब्लैकआउट

पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’ इस समय विचित्र ‘जात संकट’ में फंसे हुए हैं. समझ में यह नहीं आ रहा है कि पांच साल एड़ियां रगड़ने के बाद भी वैचारिक मतभेद

इतिहास के झरोखे से भविष्य की छवि दिखाते चुनावी इंटरव्यू!

किसी प्रतिनिधि की क्षमता के ऊपर प्रश्न उठेंगे तब उसकी छवि को न्यूज़ चैनल के डिबेट्स और इंटरव्यू के पैमाने पर ही मापा जाएगा. कोई भी प्रतिनिधि कितने बड़े स्तर

प्रेस वार्ता में भी दिखी दो परस्पर विरोधी वैचारिक दलों के बीच मुद्दों की समानता, जो बहुत से लोगों की नज़रों से छूट गयी.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस, दोनों की ही प्रेस कांफ्रेंस थी. कहने सुनने के लिए बहुत से अवसर थे लेकिन एक बहुत बड़ा अंतर इन दोनों ही प्रेस कांफ्रेंसेस में

राहुल गांधी ने किया फ़ेक स्क्रीनशॉट ट्वीट, आक्स्फ़र्ड ने पकड़ी चोरी

अपने भाषणों में तो राहुल गांधी अजब ग़ज़ब तथ्य और मज़ाक़िया कंटेंट देते ही हैं, अब ट्वीट में भी ऐसी ग़लती कर बैठे कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पे ट्रोल हो गए

अपनी नाकामियों को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकारता राहुल गांधी का ‘निष्पक्ष’ इंटरव्यू!

अभी रविश कुमार जी का राहुल गांधी द्वारा दिया गया इंटरव्यू देखा. वैसे तो कई लोगों की यह मांग रही है कि प्रधानमंत्री मोदी को रवीश कुमार को इंटरव्यू देना

लिबरल वर्ग के हीरो बनते यशवंत सिंहा!

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और अटल बिहारी वाजपेई के समय केंद्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने नरेंद्र मोदी के ऊपर एक और हमला किया है. इस बार इतिहास

क्वीन एलिज़ाबेथ को भी मुँह चिढ़ाती लक्ष्यद्वीप में राजीव गाँधी की वो पार्टी…

लक्ष्यद्वीप में दस लोगों की पार्टी चल रही है. पार्टी में अन्य मेहमानों को भी बुलाया जाता है. मेहमानों की लिस्ट देखिये – अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनके तीन

झूठ फैलाते पकड़े गए सैम पित्रोदा! इस बार 200 शिक्षकों के नाम पर फाड़ा बिल!

राजीव गांधी के तथाकथित अपमान के मामले में एक नया मोड़ आया. इस बार कांग्रेस के अध्यक्ष और अमेठी से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे राहुल गांधी के गुरु

एडिटर्स गिल्ड का खानापूर्ति करता पत्र, बंगाल में हुई पत्रकारों के ख़िलाफ़ हिंसा में ममता दीदी से नहीं कोई सवाल

कुछ ही दिन पहले एडिटर्स गिल्ड के चीफ़ शेखर गुप्ता ने ममता बैनर्जी के बारे में लिखा था कि ममता ही मोदी शाह की ज़हरीली राजनीति का एक मात्र जवाब

चुनाव में हुई बीजेपी समर्थकों के ख़िलाफ़ हिंसा, ज़बरदस्ती दिलवाया गया कांग्रेस को वोट

चुनाव के समय हिंसा होना तो आम बात हो गई है, लोकतंत्र के इस उत्सव में जहाँ एक तरफ़ लोगों को अपनी मर्ज़ी से वोट डालने की आज़ादी होती हैं