Category: राजनीति

Total 183 Posts

रामलाल का कद छोटा नही हुआ है, संघ उनके कौशल को जानता है !

वर्तमान भारतीय राजनीति में ऐसे बिरले लोग ही हैं जो महत्वाकांक्षा, स्वार्थ और लाभ से इतर मूल्य पर आधारित राजनीति को प्रमुखता देते हैं. सियासत में रहकर अजातशत्रु बने रहना और इस

जब अपने ही बड़े भाई से लड़ बैठे थे सरदार पटेल!

देश में विचारधाराओं में भिन्नता कोई नई बात नहीं है. विचारों की भिन्नता ने ही समाज में चल रहे एक नैसर्गिक विचारशून्यता को झकझोरकर क्रांति की नई इबारत लिखी है.

अब दक्षिण के किले को जीतने की रणनीति

लोकसभा चुनाव के पश्चात् भाजपा अब अपने संगठन को विस्तार देने की योजना के साथ आगे बढ़ रही है. अमित शाह अब गृह मंत्री भी हैं और पार्टी के राष्ट्रीय

एक देश: एक चुनाव – व्यावहारिक दिक्कतें और सैद्धान्तिक सवाल

भारत के सशक्त, जीवन्तमान और फलते-फूलते लोकतंत्र के जीवन में वह समय आ गया है जबकि उसकी कुछ कार्य प्रणालियों की समीक्षा हो। सहमति बनाकर उनमें बदलाव हो। इनमें से

नारी-विरोधी सरकार ने कैसे हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कन्या जन्म दर को बढ़ाया, पढ़ें रिपोर्ट

भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ एक एजेंडा चलाया जाता रहा है. उसे अल्पसंख्यक विरोधी, बनिया ब्राम्हण पार्टी, रूढ़िवादी और नारी विरोधी इत्यादि इत्यादि कहा जाता रहा है. हालाँकि एजेंडा चलाने वालों

राजस्थान कांग्रेस में दरार

कांग्रेस की हाल ही हुए लोकसभा चुनावों में हार का असर अब दिखने लगा है. जहाँ प्रियंका गांधी ने पार्टी में ऐसे लोगों को दोष दिया जिन्होंने पार्टी से पहले

कमलनाथ सरकार के खर्चों ने खोली सोशल मीडिया वाले ‘सोशलिज्म’ की पोल

मध्य प्रदेश में 6 महीने में 500 आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के तबादले हो चुके हैं. ट्रांसफर फण्ड पर ही 30 करोड़ खर्च किये जा चुके हैं. दैनिक भास्कर की

मायावती की राजनैतिक अधीरता का सबसे ताज़ा शिकार बनें अखिलेश यादव! महागठबन्धन में ‘महा-फूट’

उत्तर प्रदेश से जिस बात के संकेत मिल रहे हैं, वह एक प्रकार की तथाकथित विचारधारा का पतन दिखाई दे रहा है.जिस बहुप्रतिक्षित सपा+बसपा गठबंधन को देश का विपक्ष भाजपा

एक सप्ताह के अंदर तीसरी झूठी ख़बर, छेड़खानी करते पकड़े गए आरोपी ने मामले को दिया साम्प्रदायिक रंग

मोदी सरकार के आते ही ‘मुसलमान डरे हुए हैं’, और ‘अब भगवा आतंकी मुसलमानों का जीना मुश्किल करेंगे” इस तरह की बात की जाने लगी है. इस क़यास में पहले

केजरीवाल खेल रहे हैं आखिरी दांव, सरकारी ख़ज़ाने से अब मुफ्त में बटेंगी सुविधाएं

लोकसभा में कई पैंतरे आज़माने के बाद भी केजरीवाल एंड पार्टी की करारी हार हुई. इस के चलते अरविन्द केजरीवाल अब डैमेज कंट्रोल में लगे हैं. उन्होंने ऐलान किया है