Category: कहानी

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तुम्हें आज सेल्स टैक्स ऑफ़िस जाना होगा

स्कूल से दफ़्तर पहुँचते ही नवरंग जी ने यह फ़रमान सुना दिया. बात 1986 की है. मेरा स्कूल व दफ़्तर साथ ही चलता था. नवरंग जी हमारे बड़े बाबू थे.

शेष दिन भी यूँ ही निकल जाएंगे

सर्दियों में अक्सर वह सफेद बैकग्राउंड पर वायलेट रंग के शेड्स में महीन फूल-पत्तियों के छाप वाली साड़ी पहन कर आती थी. उसे देखते हीं मेरे सहकर्मी कहते थे; “लो सर

हार : स्त्री की अपने गहनों से भावनात्मक जुड़ाव की एक कहानी

छह महीने भी नहीं हुए थे नई बहू को, घर की हर बात उसे समझ आ गयी थी. धीरे धीरे घर में होने वाले हर निर्णय में उसकी राय भी ली

दर्पण

शरद; “हां तो प्रेम, तुम्हारी शादी का क्या हुआ ?” प्रेम; “यार, फिक्स हो गयी. इसी अप्रैल में है.” शरद; “अर्रे, तुम फ़ोन पर तो कह रहे थे कि घरवालों ने जाने कहाँ फसा

जन्मदिवस की बधाई, नेताजी!

नेताजी को एक शब्द में परिभाषित करना हो तो वह शब्द होगा- विद्रोह. अन्याय और असमानता के विरुद्ध विद्रोह और संघर्ष ही नेताजी के जीवन का ध्येय रहा. प्रेसिडेंसी कॉलेज