Shiv Kumar Mishra

Shiv Kumar Mishra

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Senior Reporter Lopak.in @shivkmishr

रामायण और पृथ्वी पर पहला ग्रीन ऐक्टिविज़म

शोर्दूला मुखर्जी लिखित सर्ग-हारा रामायण से लक्षमण-शक्ति प्रसंग… ….और फिर लंकानरेश श्री रावण के महान पुत्र परम बलशाली आदरणीय मेघनाद दा ने राम के भाई लक्षमण को नागपाश में बाँध

लिंकित और टैगित पाठक की व्यथा-कथा

ब्लागिंग करते हैं. एक जगह बैठे-बैठे लिख लेते हैं. वहीँ बैठे-बैठे छाप देते हैं. न तो प्रकाशक के आफिस के चक्कर लगाने की ज़रुरत है और न ही लेख के

समुद्र-मंथन री-विज़िटेड

समुद्र मंथन हो रहा था. देवताओं और असुरों के बीच वासुकी की खींचा-तानी चल रही थी. मंदिराचल पर्वत समुद्र में ऊपर-नीचे हो रहा था. लाखों दर्शक देख रहे थे. न्यूज

रामायण का अनसुना प्रसंग- सबका साथ, सबका विश्वास

राजा दशरथ का दरबार लगा था. सुमन्त और गुरु वशिष्ठ नीतिशास्त्र के किसी अध्याय पर चर्चा कर रहे थे. दशरथ दोनों महानुभावों को सुनते हुए आनंद खोजने का प्रयास कर

महाभारत का अनसुना प्रसंग – महिला सुरक्षा

द्रौपदी चीर-हरण को सत्ताईस दिन बीत चुके थे. चीर-हरण में असफल उप युवराज दुशासन लगभग डिप्रेस्ड हो चुके थे. हस्तिनापुर एक्सप्रेस के प्रबंध संपादक अबतक कुल चार बार चीर-हरण को

महाभारत का अनसुना प्रसंग – लज्जित युवराज

केशव हस्तिनापुर से “याचना नहीं अब रण होगा” बोलकर जा चुके हैं. युद्ध होना अब निश्चित है. कौरव और पांडव अपने-अपने गठबंधन करने में लगे हुए हैं. युवराज दुर्योधन श्रीकृष्ण

दुर्योधन की डायरी – महाभारत का अनसुना प्रसंग

द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों को अपनी पाठशाला में विद्यालाभ दिया. समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, नागरिकशास्त्र, विज्ञान, साहित्य इत्यादि के साथ-साथ उन्हें शस्त्र-विद्या में पारंगत किया. जब राजकुमारों की शिक्षा-दीक्षा संपन्न हुई

प्रवासी भारतीयों का मोदी प्रेम

बर्फ से ढंका अमेरिका का रॉकी माउंटेन्स. करीब दस-बारह लोगों की एक छोटी सी टोली तिरंगे और अमेरिकन फ़्लैग से लैस यहाँ जमा हुई है. एकबार देखकर लगेगा कि दो

दुर्योधन की डायरी – चक्रव्यूह

तेरहवाँ दिन.. षड्यंत्र के माहिर कौरवों ने पुनः चक्रव्यूह की रचना की. कौरवों को रचनात्मकता के नाम पर उन्हें कुछ भी पता था तो वह था षड्यंत्र और चक्रव्यूह की

महाभारत का अनसुना प्रसंग – सइंटिफ़िक टेम्पर

अर्जुन ने भ्राताश्री युधिष्ठिर को प्रणाम किया और तपस्या करने के लिए विदा ली. उन्होंने एक स्थान पर बैठकर विकट तपस्या की. धीरे-धीरे उन्होंने भोजन त्याग दिया. उनकी तपस्या से