Prashant Dubey

Prashant Dubey

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अपने ही देश के तथ्यों को नकार एजेंडे पर भागती मलाला!

पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को कौन नहीं जानता है. वो लड़की जिसने सिर पर गोली लगने के बाद भी न केवल जीवित रहने का संघर्ष किया बल्कि उसमें कामयाब भी

अहकाम-ए-आलमगीरी में औरंगज़ेब ने खुद लिखी शिवाजी से हार की टीस!

मुग़ल सल्तनत में सबसे क्रूरतम शासकों में से एक का नाम औरंगज़ेब था. वो औरंगज़ेब जिससे देश में बहुत से लोग सहानुभूति रखते हैं. टीवी डिबेट्स में बहुत से ऐसे

राष्ट्रविरोधी विचारधारा के पोषित “स्तंभ”

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में खड़ा भारतीय मीडिया इस समय एक ऐसे दौर से गुज़र रहा है जहां उसकी विश्वसनीयता दांव पर लगी है. TRP वो सत्य है

सोशल मीडिया पर “सस्ता नैरेटिव” सेट करती कांग्रेस!

सोशल मीडिया की सबसे खास बात यह है कि यह विचारो से भी तेज़ एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाता है. यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगा कि सोशल

संपर्क का अंत नहीं, संकल्प की शुरुआत है चंद्रयान 2

आहुति बाकी यज्ञ अधूरा अपनो के विघ्नों ने घेरा अंतिम जय का वज्र बनाने नव दधीचि हड्डियां गलायें आओ फिर से दिया जलाएं!” भारत रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री

सनातन संस्कृति के अवशेषों पर खड़ा विदेशी आक्रमणकारियों का दम्भ!

भारत को विभिन्न विशेषणों से सुशोभित किया जाता रहा है. जिसको इसमें धन और संपदा दिखी दी, उसने इसे ‘सोने की चिड़िया’ बोला. जिसने इसमें प्राकृतिक संसाधनों का भंडार देखा, उसने इसे ‘धरती का स्वर्ग’ कहा.

कालचक्र की फांस में फंसे चिदंबरम!

इस समय देश के पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम के लिए समय स्थितियों के अनुकूल नहीं है. UPA 1 और 2 क शासनकाल के दौरान किये हुए कुछ

तीन तलाक के बिल के बीच सामाजिक समरसता बनाम लोकतंत्र की दुहाई!

तीन तलाक बिल किसी तरह राज्य सभा से पास हो गया. सरकार की गति को देखते हुए कहा जा सकता है कि जल्द ही यह एक कानून भी बन जायेगा,

जब सरदार पटेल ने मुसलमानों के लिए अलग चुनावी व्यवस्था पर ड्राफ्टिंग कमेटी के ही सदस्य को सुनाई खरी-खरी

देश के सामाजिक और संघीय ढांचे के मध्य हमेशा से ही यह बात उठती आई है कि आखिर अधिकारों को लेकर चर्चा कितने चरणों में पूरी की जा सकती है?

क्या भारत नहीं था आक्रमणकारी? इतिहास का कहना कुछ अलग है

कारगिल विजय दिवस की संध्या पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस देश ने कभी किसी के ऊपर हमला नहीं किया. हम हमेशा से अहिंसा