धारा 370 हटने के बाद..

कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद स्थितियाँ स्पष्ट हो चुकी हैं. सरहद के अंदर और सरहद के उस पार, भले ही कितने भी तर्क वितर्क (अधिकतर कुतर्क) कर लिए जाए, लेकिन अब धारा 370 वापस नहीं आएगा और यही बात पाकिस्तान के पूरे अस्तित्व पर प्रश्रचिन्ह के प्रतीक के रूप में है.

राजनीतिक रूप से पाकिस्तान मज़बूत या कमज़ोर होता रहा है, लेकिन उसके अंदरूनी राजनीती की नीव में धार्मिक आधार के बाद दूसरा सबसे बड़ा आधार कश्मीर ही था. पंजाब में खालिस्तान के मांग के खत्म होने के बाद पाकिस्तान का एक मात्र लक्ष्य कश्मीर ही था. पाकिस्तान में लोगो को कश्मीर बेचा गया ताकि आर्मी अपनी दुकान चला सके, हाल के वर्षो में देखा गया है कि जब भी पाक की अंदरूनी सियासत आर्मी के खिलाफ खड़ी होती है तो पाक सेना कश्मीर का हव्वा खड़ा करती है.

अब जब धारा 370 खत्म होने से भारत के हिस्से वाले कश्मीर का पाक में विलय होने की कोई संभावना पाकिस्तानियो को भी नहीं है, पाकिस्तान के पास क्या रास्ता है? अगर आप विश्लेषण करें तो पाकिस्तान के पास इस समय मुख्यतः तीन रास्ते ही हैं और हर रास्ता एक बड़ी कीमत मांग रहा है..

पहला रास्ता है सैन्य कार्यवाही.

भारतीय सेना कन्वेंशनल वारफेयर में पाकिस्तान सेना पर हमेशा बीस पड़ी हैं, पाकिस्तान की माली हालत बिलकुल ठीक नहीं, मात्र 6 दिन के तेल के पैसे हैं, फोरेक्स रिजर्व बस इतना हैं की 2 महीने से पहले ही खत्म हो जाये, पाकिस्तानी चाहे जितने मुगलते में रहे लेकिन उनके आकाओं को पता हैं की जिस दिन भारत से सीधा युद्ध हुआ, पाकिस्तान के कई टुकड़े हो जायेंगे, साथ में परमाणु युद्ध का खतरा तो हैं ही. इसलिए सीधे सीधा हम्मला न करके अपरोक्ष या छद्म युद्ध ही करेगा

जो की उसका दूसरा ऑप्शन है,  जो कई सालो से चल रहा हैं – आतंकवाद.

भारत में पाक स्पॉन्सर्ड आतंकवाद नया नहीं है, पहले खालिस्तानियों को और फिर कश्मीर के आज़ादी के नाम पर पाक ने हमेशा टैक्टिकल सपोर्ट दिया है, भारत की सरकार पर भी कड़ी निंदा करके छोड़ देने का भाव ही रहता था, कौन भूल सकता हैं की मुंबई हमलो के बाद भी मनमोहन सिंह ने शांति की बात की थी. लेकिन पहले सर्जिकल स्ट्राइक और फिर बालाकोट हमलो के बाद पाकिस्तान को ये डर हमेशा रहेगा की किसी भी बड़ी आतंकी घटना के बाद उस पर भारत हमला भी कर सकता है, बालाकोट पर हमले ने पाकिस्तान को उसके इस विश्वास को हिला कर रख दिया कि बात केवल LOC पर हेवी फायरिंग तक ही सिमित रहेगी, अब किसी भी आतंकी हमले के बाद उनके किसी भी शहर पर हमला हो सकता है, तो पाकिस्तान किसी सूरत में भारत के अंदर किसी बड़े हमले से बचना चाहेगा. वैसे भी आतंकवाद का रास्ता उतना सरल भी नहीं है, क्योंकि वह फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स के खिलाफ होगा. यदि दुनिया के सामने यह आया (जो आना ही है) तो पाकिस्तान की स्थिति और भी अधिक कमज़ोर होगी, और इसका उल्लंघन पाकिस्तान को बहुत अधिक महंगा पड़ेगा. इतना अधिक की इस समय 118 रुपये लीटर पेट्रोल बेचने वाला पाकिस्तान सीधे 150 रुपये लीटर तक पेट्रोल के दाम ले जाने को मजबूर होगा.

पाकिस्तान की तीसरी और आखिरी उम्मीद थी UNSC

यहाँ भी उसको बड़ी मात मिली, भारत के विश्व में बढ़ते प्रभाव का एक नज़राना देखने को मिला. UNSC में चीन की मदद से एक मीटिंग तो बुलवा ली, लेकिन उसमे भी बस यही स्टेटमेंट निकल कर आया की भारत पाक बैठ कर आपस में बात करें. एक प्रकार से देखे तो पुरे विश्व ने पाकिस्तान को वैश्विक राजनीति में उसकी औकात दिखा दी.

पाकिस्तान की स्थिति इस समय डांवा डोल है. अर्थव्यस्था को बचाने के लिए बकरियां, मुर्गियां और अब तो चीन को गधे निर्यात करने तक की बातें खुद इमरान खान कहते हैं. विदेशी मुद्रा भंडार भी खत्म होने की कगार पर है. इस स्तिथि में पाकिस्तान के लिए एक “फुल फ्लेज्ड वॉर” करना अपने हाथ से PoK और बाकी क्षेत्र हाथ से निकाल ले जाने का भारत को खुला न्योता होगा. वैसे में सैन्य शक्ति के बल पर भारत को हराने के फैसले का तो खुद बाजवा ही समर्थन नहीं करेंगे.

लेकिन यदि वो ऐसा नहीं भी करता है तो जिन लोगो को पाकिस्तानी आर्मी ने कश्मीर के सब्ज़ बाग़ दिखाकर उन पर राज किया, वो लोग ही अपनी सरकार/सेना पर दबाव बनाना शुरू करेंगे. ऊपर से ऐसी किसी भी स्तिथि को नवाज़ शरीफ़ और बिलावल भुट्टो एंड कंपनी हाथ से जाने नहीं देंगे. तो ये मान कर चलें की पाकिस्तानी सेना का पाकिस्तान पर पकड़ कमज़ोर होना तय हैं.

पाकिस्तान ने अपनी तरफ से कुछ छोटे कदम उठाए ज़रूर हैं. जैसे हमारे उच्चायुक्त को यहां वापस भेज देना, हम से सभी प्रकार के रिश्ते तोड़ लेना, व्यापार बंद करना इत्यादि. लेकिन यह पाकिस्तान को भी पता है कि इससे भारत को कोई नुकसान नहीं होगा. वैसे भी बकरी के छींकने से हाथी नहीं मरा करते. दूसरी तरफ वैश्विक राजनीति में भी भारत के नेतृत्व का ऊंचा होता कद इसी बात से पता लग जाता है कि भारत के इस फैसले के बाद फ्रांस, अमेरिका और चीन जैसे देशों ने भी इसको भारत का आंतरिक मामला बताया है.

पाकिस्तान के लिए कोढ़ में खाज ये है कि इस समय उसके पास नेतृत्व क्षमता की भी कमी है. इमरान खान ने खुद कटाक्ष करते हुए सदन में कह दिया था कि “आप क्या चाहते हैं? क्या हम इंडिया पर हमला कर दे?”, अर्थात इमरान खान के पास इस समय कोई ऐसी तिकड़म नहीं है (आतंक को छोड़) जो उनकी कुछ सहायता कर सके. यह और भी हास्यास्पद है कि भारत को बालाकोट हमले पर चिढ़ाने वाले इमरान खान ने खुद माना कि अब भारत बालाकोट से भी बड़ी कार्यवाही के लिए तैयार है. कुल मिलकर पाकिस्तान इस समय बेहद ही कमज़ोर स्थिति में है

अब यहाँ से भारत के हाथ में क्या है?

भारत के पास इस समय हर वो हथियार है जो इस युद्ध में उसके लिए काम करेंगे. वैश्विक स्तर पर हमें यह सिद्ध करने की कभी आवश्यकता नहीं पड़ी की हम एक ज़िम्मेदार देश है. भारत की यही छवि हमेशा से भारत के एक मज़बूत पक्ष के रूप में सामने आई है. वहीं पाकिस्तान इसी स्तर पर हमेशा भारत से हारा है. एबटाबाद में लादेन की वैश्विक प्रदर्शनी को खुद पाकिस्तान ने बड़े अमरीकी पर्दों पर देखा होगा. भारत के रक्षा मंत्री ने हाल ही में जो कहा, वो पाकिस्तान सहित बहुत से देशों के कान खड़े करने के लिए पर्याप्त है.

राजनाथ सिंह का कहना है कि भारत एक शांतिप्रिय देश है. उसने सदैव अपने परमाणु नीति को लेकर एक ज़िम्मेदार रवैय्या अपनाया है, लेकिन समय पर यह निर्भर करता है कि इसमें क्या बदलाव हो.

यानी भारत ने जिस आक्रमकता का परिचय शब्दों की मर्यादा के बीच रहते हुए दिया, वह इस सरकार की नीति को स्पष्ट बताता है. वैसे भी हमेशा हम ही धमकी क्यों सुनें? पाकिस्तान के अंदर इस बड़े मुद्दे पर चर्चा आम है. अगर भारत में कोई भी ऐसा आतंकवादी हमला होता है, तो भारत अपनी “फर्स्ट यूज़ पालिसी” को बदल भी सकता है. यह एशिया के अंदर एक बड़ा बदलाव होने वाला है. संदेश साफ है. ये नया भारत है जो न कुछ अधूरा करता है, न अधूरा छोड़ता है. यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है.

कश्मीर बनेगा पाकिस्तान जैसे नारों के बीच जब घाटी में PoK वापस लेने की बातें चल रही हो तब आप समझ सकते हैं कि स्थितियाँ कैसी हैं. इमरान खान का बालाकोट से भी बड़े हमले का डर बताता है कि पाकिस्तान पर दबाव कितना अधिक है. यह भय भारत की शांति के लिए बेहद आवश्यक है.   

Vikrant Kumar
Founding Member of Lopak - @vikrantkumar

1 Comment

  1. Avatar
    September 5, 2019 - 4:19 pm

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