एनिमे की अचंभित करने वाली रंगीन दुनिया, कुछ बेहतरीन फ़िल्में जो आपको अवश्य देखना चाहिए

‘Anime’ सुनकर आपको लगेगा कि मैं डोरेमोन और शिन चैन की बात कर रही हूँ. पर नहीं Anime कार्टून फ़िल्म्स केवल बच्चों के लिए नहीं बड़ों के लिए भी हैं. दरअसल Anime की कई फ़िल्मों की कहानी ऐसी हैं जिसे बच्चों के लिए समझ पाना जटिल हो सकता है. इसलिए इन्हें देखते वक़्त आपको ऐसा नहीं लगेगा कि ये बचकानी हैं. भारत की बात करें तो एनिमे फ़िल्में इतनी लोकप्रिय नहीं हैं क्योंकि लोग डोरेमोन, पोकेमान और शिन चैन के अलावा अन्य किसी एनिमे किरदारों के बारे में जानकारी ही नहीं रखते, ना ही यह फ़िल्मे थिएटर्स में लगती हैं.

एनिमे आख़िर है क्या? 

बचपन में आप सभी ने टिनटिन, नागराज, बिल्लू, चाचा चौधरी इत्यादि पढ़ी होंगी. वैसे ही एनीमे भी एक अनूठी कला शैली है जिसे जापानी कॉमिक “मंगा” के रूप में जाना जाता है. यह मूल रूप से काले और सफेद रंगों में वास्तविक मानव शरीर का एक संक्षिप्त रूप है. एनिमे विशेष रूप से एनीमेशन है जिसे जापान में बनाया जाता है. पर इसके कुछ कार्य अन्य देशों, जैसे कि दक्षिण कोरिया के लिए आउटसोर्स किए जा सकते हैं, लेकिन कहानी और उत्पादन जापान से ही होना चाहिए. 

मुझे आज भी याद है जब मैंने पहली ऐनिमे फ़िल्म देखी थी तब मैं कई दिनों तक केवल एनिमे ही देखती रही थी. प्रत्येक एनिमे के साथ चरित्र का डिज़ाइन, दृश्य, भाव भिन्न होते हैं, एनिमे फ़िल्मों के कुछ दृश्य आपको इस तरह से मंत्रमुग्ध कर देंगे कि आपकी इच्छा होगी कि काश असल ज़िंदगी भी ऐसी ही होती. एनिमे फ़िल्मों में रसोई में पक रहा खाना देख आपको भूख ना लगे, यह असम्भव है. 

फ़िल्मों में ऐसे मुद्दे और ऐसे विषयों पर बात की जाती है कि हॉलीवुड की बड़ी बड़ी फ़िल्में भी मात खा जाएँ. किसी भी प्रकार की कहानी को एनीमे के माध्यम से बताया जा सकता है, चाहे वह नाटक, रोमांस, फेंटसी, एक्शन / एडवेंचर, रोबोट / जीवन का टुकड़ा, डरावनी, त्रासदी या कॉमेडी की छोटी-छोटी स्किट्स हों. एनिमे वह ज़रिया है जो आपकी हक़ीक़त से कोसों दूर बनी कल्पना को भी परदे पर उतारने की क़ाबिलियत रखता है. ऐनिमे संभावनाओं से भरी दुनिया जिसमें कुछ भी असंभव नहीं है. कभी-कभी, हम सभी को वास्तविक ज़िंदगी के शोरगुल से दूर काल्पनिक दुनिया में कुछ पल बिताने आवश्यकता होती है. 

एनिमे की ख़ासियत :

ऐनिमे के किरदार बॉलीवुड फ़िल्मों की तरह एक बार में सौ गुंडो का सामना करने के बाद आइटम सॉंग में नहीं थिरकते. ना ही ये ”लार्जर देन लाइफ़” होते हैं. एनिमे के किरदारों से व्यक्तिगत स्तर पर ख़ुद को जोड़ सकते हैं. पढ़ते समय यह बात विरोधाभासी लगेगी कि काल्पनिक किरदार की काल्पनिक कहानी से हम ख़ुद को जुड़ा हुआ कैसे महसूस करेंगे, पर एक आद फ़िल्म देखने के बाद आपको इस प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा. फ़िल्म देखते समय किरदारों का दुःख-दर्द, ख़ुशी,आंतरिक कोलाहल सबकुछ महसूस होगा.

ऐनिमे मनोरंजन से भरपूर है, हीरो हीरोईन का प्यार तकरार, नाच गाना इत्यादि नहीं पर कुछ ऐसी मार्मिक कहानियाँ ऐनिमे के भंडार में हैं जिन्हे कहानी पढ़कर आप ख़ुद से सवाल करेंगे कि आख़िर ऐसी कहानी और किरदार कोई कैसे गढ़ सकता है?

इस अनूठी कला ने कुछ बेहतरीन साउंडट्रैक्स और प्लॉट लाइन्स भी दिए हैं. फ़िल्म के विस्तृत दृश्यों के लिए कुछ भी कहना इन्हें बनाने वाले कलाकार का अपमान होगा.

ऐनिमे में फ़िल्मों और शोज़ की भरमार है. हालाँकि शोज़ देखना भारी भरकम काम हो सकता है क्योंकि ये कई सीजन्स तक चलते हैं. पर कुछ उल्लेखनीय फ़िल्में हैं जिनका ज़िक्र ना करना एनिमे के साथ अन्याय होगा

1. स्पिरिटेड अवे (Spirited Away) : 2001 में रिलीज़ हुई हयायो मियाजाकी की यह कहानी अब तक की सब से उच्च रेटिंग (8.6) पाने वाली एनिमे फ़िल्म है. कहानी एक दस वर्षीय बच्ची की है जो अपने माता पिता के साथ एक ऐसे इलाक़े में भटक जाती है जहाँ चुड़ैल और आत्माएँ बसी हैं. यहाँ हर इंसान को जानवर में बदल दिया जाता है. इलाक़े में पहुँचते ही उसके माता पिता जानवर में बदल जाते हैं. यह कहानी इस बच्ची के आगे के संघर्ष को दिखाती है कि वो किस तरह इन पिशाचों से बचकर ना केवल ख़ुद बाहर आती है और अपने माता पिता को भी सही सलामत वहाँ से लाती है.

2. ग्रेव ऑफ़ द फ़ायर फ्लाइज (Grave of the firelflies) : 1988 में आई भाई बहन की कहानी विश्व युद्ध द्वितीय के कालखंड पर बनी है. यह एनिमेटेड कहानी में द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी गोलाबारी के दौरान एक बड़े भाई जिस पर उसकी छोटी बहन की ज़िम्मेदारी है, इस पर आधारित है. उनके जीवित रहने की कहानी न केवल हृदयस्पर्शी है बल्कि ज़िंदगी की कठोर सच्चाइयों से रबरू भी कराती है. भाई-बहन एक-दूसरे पर पूरी तरह से भरोसा करते हैं और साथ रहकर जिंदा रहने के लिए सभी बाधाओं के खिलाफ संघर्ष करते हैं.

3.योर नेम (Your name) : माकोतो शिंकाई जो कि एनिमे की दुनिया में बहुत बड़ा नाम हैं, यह उनकी सबसे उम्दा फ़िल्म है. अगर आप ऐसी फ़िल्मों के क़ायल हैं जो आपका सर चकरा दें  (ख़ासकर Time 
Travel) तो यह फ़िल्म ज़रूर देखें. यह कहानी एक युवक और युवती की है जिनका दूर दूर तक एक दूसरे से कोई वास्ता नहीं है. पर फिर भी कुछ कारणों के चलते युवक और युवती की आत्माएँ एक दूसरे के शरीर में चली जाती हैं. अब ज़रा सोचिए कि एक युवक की नींद अचानक खुलती है और वह पाता है कि उसका शरीर बिल्थकुल बदल चुका है, इसके अलावा वो जिस शरीर में हैं उसके बारे में ना उसे कुछ पता है ना वह किसी को समझा सकता है. कहानी में एक साथ अलग अलग समयकाल दिखाए गए हैं. इस फ़िल्म की कहानी दातों तले उँगलियाँ दबवा देगी, फ़िल्म की संकल्पना जितनी जटिल है उतनी ही रोमांचक भी. एनिमे जगत में यह मूवी अब तक की सबसे उत्कृष्ट कृति है. यह 2016 में आई थी और अब तक की सबसे ज़्यादा चर्चित एनिमे फ़िल्म है.

4.हाउल्स मूविंग कासल (Howl’s Moving castle) : 2004 की यह कहानी काफ़ी कुछ बचपन में सुनी हुई परी कथाओं जैसी है. सोफ़ी नामक एक सुंदरी एक चुड़ैल के श्राप के चलते 90 वर्ष की बूढ़ी औरत में तब्दील हो जाती है. यह श्राप तोड़ने में उसकी मदद Howl करता है जो कि एक ऐसे क़िले में रहता है जिसके चार पैर हैं, अर्थात यह क़िला चलने के क़ाबिल है. आगे कुछ भी लिखने कहानी के रोमांच को ख़तरे में डाल देगा, इसलिए आप से अनुरोध है कि यह फ़िल्म ख़ुद देखें और फ़ैसला करें.  

5. इनटू द फ़ॉरेस्ट ऑफ़ फ़ायरफ्लाइज लाइट (Into the forest of fireflies light ) : यह एक मार्मिक प्रेम कहानी है, ऐसी प्रेम कहानी जहाँ प्रेमी और प्रेमिका जानते हैं कि उनका यह रिश्ता कभी अपने मुक़ाम तक नहीं पहुँचेगा. प्रेमी का किरदार एक प्रेतात्मा का है जो किसी भी मनुष्य द्वारा छू लेने पर ग़ायब हो जाएगा. मुख्य किरदार कैसे इस विडम्बना का सामना करते हैं वह परदे पर देखने लायक़ है.

उपरोक्त फ़िल्मों के अलावा कीकीज डिलीवरी(Kiki’s delivery) , माई नेबर टोटोरो(My neighbour Totoro), पातेमा इंवर्टेड (Patema inverted), परफ़ेक्ट ब्लू (Perfect Blue), पापरिका (Paprika), सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ़ एरियट्टी (Secret world of Arietty) , द गर्ल हू लेप्ट थ्रू टाइम (The girl who leapt through time), प्रिंसेज मोनोनोके (Princess Mononoke), घोस्ट इन द शेल (Ghost in the Shell) इत्यादि फ़िल्में उल्लेखनीय है. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि क्रिस्टोफ़र नोलन की फ़िल्म ”इंसपेशन” काफ़ी हद तक पापरिका पर आधारित है. यही नहीं नताली पोर्ट्मन की ब्लैक स्वान की कहानी और उसके कई दृश्य हूबहु परफ़ेक्ट ब्लू से लिए गए हैं.  

ऐनिमे का समुद्र इतना गहरा है कि मैं शायद अभी इसके किनारे पर ही खड़ी हूँ. इस ख़ज़ाने में अभी बहुत सारी ऐसी फ़िल्में और चर्चित शोज़ देखना बाक़ी हैं जो शायद मुझे दुःख जताने पर मजबूर कर दें कि मैंने इसे पहले देखना क्यों शुरू नहीं किया. अगर आप इस लेख के बाद एनिमे देखने का मन बना रहे हैं तो फिर देर किस बात की. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह फ़िल्में देखे कहाँ? आपको इनमें से कुछ फ़िल्मे नेटफ़्लिक्स पर मिल जाएँगी. आपको जयादतर फ़िल्में Amazon/Netflix नामक वेबसाइट पर अंग्रेज़ी सबटाईटल्स के साथ मिल जाएँगी. 

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Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

3 Comments

  1. Avatar
    Bitta
    June 11, 2019 - 12:07 pm

    Spirited away dekhi hui hai Tagdi film hai!

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  2. Avatar
    June 15, 2019 - 6:58 am

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