अतीत के पन्नों से राजीव गांधी द्वारा चलाया गया नफ़रत का अभियान

पिछले दो दिनों से अचानक से स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बारे में तरह तरह की तारीफ़े सुनने को मिल रही हैं . कारण नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें भ्रष्ट कहा जाना. मीडिया एवं अन्य विपक्षी पार्टियों के लोग कह रहे हैं कि किसी मृत व्यक्ति के बारे में इस तरह की बात कहना बेशर्मी है.

एक पल को हम ये बात मान सकते हैं कि एक मृत व्यक्ति के बारे में इस तरह की बात शायद नहीं करनी चाहिए, पर नरेंद्र मोदी को शर्मसार करने के लिए जो झूठ का पुलिंदा मीडिया और कांग्रेसी बाँध रहे हैं उसमें कई खोट हैं. कुछ ऐसे तथ्य या कहें कि राजीव गांधी द्वारा की गई नफ़रत की राजनीति जिसने हमारे सिख भाइयों को पलायन पर मजबूर कर दिया. अपने ही देश में डर कर रहने के लिए मजबूर कर दिया.

इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद हुए चुनावों के समय राजीव गांधी के चुनाव प्रचार में सिख भाइयों के प्रति डर फैलाया गया. अरुण नेहरू के दोस्तों द्वारा चलाई गई Redifussion नामक एजेंसी के द्वारा दिए गए विज्ञापनों में उन्हें ऐसा दिखाया गया कि वह देश को बाँटने का काम करेंगे. प्रचार में लिखा गया कि ”क्या देश की सीमा आपके घर तक आएगी?” आपका एक वोट आपको अलगाव से एकजुटता की ओर ले जा सकता है.

Shares

इस एड में आगे लिखा था कि ”आप संकोच में अपने पड़ोसी की तरफ़ देख कर क्यों मुस्कुराएँ, आपकी गाड़ी का ड्राइवर दूसरे राज्य से हो और दूसरी भाषा बोलता हो तो आपको असहज महसूस क्यों हो? ” क्या यह शब्द यह बातें देश के ही लोगों को आपस में बाँटते हुए नजर नहीं आते? क्या ये इस बात का एहसास नहीं दिलाते कि आप का राज्य आपकी भाषा अलग है तो आप को उनसे असहज महसूस होना चाहिए .

Shares

नकारतमकता पर आधारित इस नफ़रत के कैम्पेन से लड़ने के लिए सिखों के पास केवल बैलट की ताक़त थी. सिख भाई बहन हर जगह बड़ी संख्या में वोट करने के लिए आए. सिख भाइयों का डर यहीं ख़त्म नहीं होता, कांग्रेस के लोग उनका पीछा करते थे ताकि उनके मन में डर बना रहे

Shares

हालाँकि दुनिया के सामने राजीव गांधी ऐसी छवि प्रस्तुत करने में लगे रहे कि सिखों को सरकार संरक्षण देगी. जबकि सत्य यह है कि 1984 के बाद से ही सिख समुदाय दूसरे देशों में जाकर बसने लगा.

Shares

इंदिरा गांधी की मृत्यू के बाद केवल सहानूभूति ने राजीव को नहीं जिताया बल्कि वे अपने द्वारा चले गए नफ़रत के कारोबार के कारण भी जीते . उन्होंने सिखों और पाकिस्तान द्वारा एक काल्पनिक युद्ध का अभियान चलाया.

Shares

चुनाव जीतने के तुरंत बाद राजीव गांधी ने सिख दंगो के आरोपियों को मिनिस्ट्री में जगह देकर सम्मानित किया.

इसी चुनाव के दौरान राजीव गांधी ने गठबंधन की खिल्ली भी उड़ाई, वही गठबंधन जिसका सहारा आज राहुल गांधी फ़ासीवादी ताक़तों से लड़ने के लिए ले रहे हैं.

Shares

नफ़रत का अभियान चलाने के बाद राजीव गांधी एकता, आदेश, समानता, विचारधारा, शक्ति, बहुत, विकास और प्रगति की बात करने लगे.

Shares

ज़रा इस कार्टून पर भी नज़र डालें, यहाँ किसे आतंकवादी क़रार दिया जा रहा है इसके लिए समझदार को इशारा ही काफ़ी है.

Shares

ट्विटर यूसर @asraghunath ने Rediffusion नामक मैगज़ीन से यह कुछ पन्ने हमारे साथ साझा किए. यह लेख इसी ट्वीट सीरीज़ पर आधारित है, इसकी सत्यता को हम प्रमाणित नहीं करते.

किसी के मृत होने पर उसके किए हुए कर्म नहीं मिट जाते. अगर राहुल गांधी अपने पिताजी और दादीजी का नाम चुनावी रैलियों में ले सकते हैं तो नरेंद्र मोदी का लेना किस हिसाब से ग़लत है. क्या किसी की मृत्यू हो जाने पर उसके द्वारा उठाए गाए ऐसे क़दम जो सदियों तक एक क़ौम को डराते रहे, क्या ऐसे कृत्य भुलाए जाने चाहिए? वक़्त आ चुका है कि कांग्रेस्स रैलियों में मखमली छवि उकेरना बंद करे. एक बाद पेड़ गिरने पर सिख लोगों को नरसंहार करने वाली पार्टी आज एकता और सद्भावना की बात करती हुई अच्छी नहीं लगती.

Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

9 Comments

  1. Avatar
    May 28, 2019 - 8:25 am

    I know this web page gives quality based articles and additional stuff, is there any other site which gives these things in quality?

    Reply
  2. Avatar
    May 31, 2019 - 5:58 am

    Piece of writing writing is also a fun, if you know after that you can write if
    not it is complex to write.

    Reply
  3. Avatar
    June 3, 2019 - 1:52 pm

    Nice post. I learn something totally new and challenging
    on websites I stumbleupon everyday. It’s always interesting to read through articles
    from other writers and practice a little something from their web sites.

    Reply
  4. Avatar
    June 4, 2019 - 2:31 pm

    Hello! I could have sworn I’ve been to this site before but after looking at many of the articles I realized it’s new
    to me. Regardless, I’m certainly pleased I found it and I’ll be book-marking it and
    checking back often!

    Reply
  5. Avatar
    July 29, 2019 - 8:57 am

    Keflex Brand Tamiflu Interaction With Amoxicillin Soft Viagra aclepsa buy propecia Fedex Shipping Macrobid With Free Shipping

    Reply
  6. Avatar
    August 1, 2019 - 2:20 pm

    Canadianhealthcaremall Cialis 5 Vademecum levitra soft tabs Cephalexin Yeast Infections Cialis Tadalafil Pas Cher

    Reply
  7. Avatar
    August 4, 2019 - 6:58 am

    Naltrexone Generic Cheapeast Doryx Discount Internet Propecia Benefici cheapest cialis 20mg Domperidone Canada Productos Con Kamagra Buy Furosemide Online Uk Cheap

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *