जोश में ग़लत बयानी या सोच समझ कर दिया गया राहुल जी द्वारा भाषण

राहुल गांधी और भाषणो में ज़बान फिसलने का सिलसिला ऐसा जारी है कि उन्हें एक और नोटिस का जवाब देना पड़ गया. मध्य प्रदेश के शहडोल में 23 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण का उद्धरण देते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें एक मई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

राहुल ने शहडोल की रैली में कहा था- मोदी सरकार के कानून के तहत आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है. चुनाव आयोग ने इस सम्बंध कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब माँगा था. राहुल गांधी ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग में आज जवाब दाखिल किया.

राहुल गांधी ने चुनाव 11 पन्नों में जवाब में लिखा है कि वो भारतीय वन कानून में प्रस्तावित संशोधन को अपने एक भाषण में सरल ढंग से समझाने की कोशिश कर रहे थे. राहुल गांधी की दलील है कि वन कानून 1927 की धारा 66 में संशोधन के सरकारी प्रस्ताव पर भाषण देते हुए जोश में आदिवासियों को मारने की बात बोल दी थी. राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मंशा अपुष्ट तथ्यों का बयान कर लोगों को बहकाने की नहीं थी.

राहुल गांधी का दावा है कि भाषण के दौरान उनके द्वारा आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया गया और उनकी आलोचना मोदी सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और कार्यों तक ही सीमित थी. इसके चलते चुनाव आयोग को भारतीय जनता पार्टी की इस शिकायत को ही रद्द कर देना चाहिए.

जवाब के साथ साथ इसमें उन्होंने आयोग को निष्पक्ष कार्रवाई करने की नसीहत भी दी. राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से राष्ट्रीय दलों के नेताओं के लिए एक स्तर सुनिश्चित करने के अलावा “निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण, गैर-मनमाना और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए” भी कहा.

एक राष्ट्रीय स्तर के नेता द्वारा इस तरह का ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान दिया जाना बेहद ही चिंता का विषय. जो बयान दिया गया था वह कंट्रोवरशियल तो था ही साथ ही साथ एक तरह से आदिवासियों को बीजेपी के ख़िलाफ़ भड़काने की कोशिश भी थी.

भाषण के समय मौजूद आदिवासियों में से अगर चंद ने भी इस बात को सच मान लिया हो तो क्या अब राहुल गांधी उन्हें यह सच बताने जाएँगे कि वह बात उन्होंने जोश में आकर कही थी. क्या उन आदिवासियों को सूचित किया जाएगा कि भाषण में कही गई बात सच नहीं है?

यह फ़ेक न्यूज़ वाला मोड्स ओपरांडी है जहाँ सच का ख़ुलासा होने तक इंसान झूठ को पढ़ के विश्वास करके अगले झूठ पर बढ़ जाता है.

Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

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