बंगाल में ममता बैनर्जी पर मीम शेयर करने पर भाजयूमो संयोजक गिरफ़्तार

पश्चिम बंगाल में आए दिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के मामले सामने आते ही रहते हैं. कुछ दिन पहले ही दो युवकों को ममता बैनर्जी के काफ़िले के सामने जय श्री राम बोलने पर गिरफ़्तार कर लिया गया था. आज भाजपा युवा मोर्चा की एक नेत्री को ममता बैनर्जी पर मीम पोस्ट करने के लिए कोर्ट में पेश किया गया.

टीएमसी नेता विभास हाजरा द्वारा BJYM की संयोजक, प्रियंका शर्मा के खिलाफ हावड़ा में ममता बनर्जी की कथित रूप से एक तस्वीर साझा करने के लिए शिकायत की गई थी. मेट गाला 2019 थीम पर आधारित ममता का चेहरा प्रियंका चोपड़ा के शरीर पर फ़ोटोशाप किया गया था उन्हें गिरफ्तार कर हावड़ा कोर्ट में पेश किया गया.

शिकायत की प्रति में लिखा गया कि प्रियंका के पोस्ट ने सामुदायिक दिशानिर्देशों को तोड़ा है और इसे हिंसा के मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है. “यह न केवल माननीय मुख्यमंत्री का अपमान करने की कोशिश है, बल्कि फेसबुक पोस्ट से हमारे बंगाल की संस्कृति का अपमान करने की कोशिश की जा रही है, यह साइबर अपराध है”.

टीएमसी नेताओं ने कहा कि सीएम के फोटोशॉप्ड चित्रों को साझा करना घोर अपराध था और यह राज्य के सीएम का अपमान था.

यह पहली बार नहीं है कि किसी को अपनी किताब या फ़ेसबुक पोस्ट के चलते जेल की सैर करनी पड़ी हो. 2017 में फ़ेसबुक पर कोलकाता पुलिस के आलोचना करने पर और उस पोस्ट पर कमेंट करने के चलते कोलकाता पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था.

बंगाल के एक डॉक्टर ने जब डेंगू के बढ़ते मरीज़ और अस्पतालों की घटिया हालत के ऊपर फ़ेसबुक पर एक पोस्ट डाला था जिसके चलते उन्हें निलम्बित कर दिया गया था.

कोलकाता पुलिस ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर और उनके 75 वर्षीय पड़ोसी को ममता बैनर्जी के ऊपर बना एक कार्टून शेयर करने पर जेल में डाल दिया था.

ममता बैनर्जी जी के अभिव्यक्ति की आज़ादी के हनन के मुकुट में हर दिन एक नया हीरा जड़ता जा रहा है.


दावा त्याग – लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. आप उनको फेसबुक अथवा ट्विटर पर सम्पर्क कर सकते हैं.

Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

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