क्या ममता दीदी का जय श्री राम बोलने वालों को जेल में डलवाना पड़ेगा महँगा

तक़रीबन 2-3 दिन पहले बंगाल से यह ख़बर आइ थी कि ममता बैनर्जी के क़ाफ़िले के सामने कुछ लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए. इन नारों से तिलमिलाई ममता बैनर्जी के ग़ुस्से का अंजाम यह रहा कि स्थानीय पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में ले लिया.

इस मामले में एलेक्शन कमीशन ने भी संज्ञान लिया और जेल से उन व्यक्तियों को रिहा करने को कहा. शायद ममता दीदी को उस समय इस बात का अंदाज़ा नहि रहा होगा कि यह क़दम उनके लिए भारी पद जाएगा. कल नरेंद्र मोदी ने भी ममता बैनर्जी को चुनौती दी कि ममता बैनर्जी उन्हें जय श्री राम बोलने से रोक कर दिखाएँ. नरेंद्र मोदी ने रेलय में कहा कि ममता दीदी तो जय श्री राम बोलने वालों को जेल में डलवा रही हैं.

पर ममता दीदी की यह हरकत अब उनको भारी पड़ रही है. दरअसल गिरफ़्तार किए हुए लोग सभी दलित वर्ग से हैं. और यह युवक राज्य में एक तरह से हस्तियाँ बन गए जिन्हें स्थानीय लोगों ने सम्मानित भी किया.

एक ऐसा राज्य जहाँ केवल हिंदू या बीजेपी समर्थक होने पर ही आप मौत के मुँह तक पहुँच सकते हैं ऐसे राज्य में ममता बैनर्जी के सामने यह नारे लगाना काफ़ी साहस या यूँ कह लें कि जान पर खेलने वाली बात है.

यही ममता दीदी जो पिछले वर्ष मध्य प्रदेश में हुए दलित संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के लिए सहानुभूति दिखा रही थी वही ममता दीदी आज दलितों को केवल भगवान का नाम लेने पर जेल में डलवा रही हैं. ममता दीदी जिनके हिसाब से जय श्री राम एक गाली है, यही जय श्री राम अब शायद उन पर बहुत भारी पड़े.

वही दूसरी ओर लिबरल और फ़्रीडम ऑफ़ स्पीच समर्थक समाज से इसकी बारे में कोई टिप्पणी नहीं आइ है. बंगाल फ़्रीडम ऑफ़ स्पीच के लिए बरमूडा ट्राईएंगल जैसा है जिसके ऊपर लिबरल लोग भी उड़ने से डरते हैं.

नरेंद्र मोदी के आने बाद आम जान का यही डर धीरे धीरे ख़त्म हो रहा है, ममता दीदी इसे भले ही हिंदू मुस्लिम की राजनीति का नाम देकर मुद्दा भटकाने की कोशिश करें पर इसमें कोई दो राय नहीं कि मुद्दा हिंदू मुस्लिम से ज़्यादा इस बात का है कि दीदी के राज में हिंदुओं की जो हालत हुई वह केवल अपने वोटबैंक को ख़ुश करने के चलते हुई है.




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Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

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