क्वीन एलिज़ाबेथ को भी मुँह चिढ़ाती लक्ष्यद्वीप में राजीव गाँधी की वो पार्टी…

लक्ष्यद्वीप में दस लोगों की पार्टी चल रही है. पार्टी में अन्य मेहमानों को भी बुलाया जाता है. मेहमानों की लिस्ट देखिये – अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और उनके तीन बच्चे, अमिताभ के बड़े भाई अजिताभ की बेटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण सिंह के बड़े भाई बिजेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी के साथ कुछ विदेशी मेहमान! लेकिन पार्टी अभी भी बड़ी नहीं है. अभी इसका बड़ा बनना बाकी है. यह पार्टी और किसी की नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की थी. वह अपनी पत्नी सोनिया गांधी, बहनोई, सास, अपने बच्चों और उनके मित्रों सहित परिवार के 10 सदस्यों के साथ लक्ष्यद्वीप में छुट्टियां मनाने गए थे. इन छुट्टियों में कोई विघ्न ना पड़े इसके लिए उस समय देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा कर रहा INS विराट का इस्तेमाल किया गया. आपने बिल्कुल सही पढ़ा…INS विराट!

इस विषय पर इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट है. कल रामलीला मैदान में नरेंद्र मोदी ने जो खुलासा राजीव गांधी के बारे में किया, उसने कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी. देश के संसाधनों का ऐसा बेजा इस्तेमाल निजी पार्टियों के लिए किया जा रहा था और देश की मीडिया खामोश थी. उसका एक कारण था. दरअसल इस पूरे जमावड़े को मीडिया की नज़रों से दूर रखा गया था.

अब जरा इस पार्टी के खर्चे का अंदाज़ा आप खुद लगाइएगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक INS विराट को इन गाँधीयों को ले जाने और 10 दिनों के लिए अरब सागर में स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था. समुद्र में इसका दैनिक खर्च बहुत ही ज़्यादा होता है क्योंकि विराट एस्कॉर्ट जहाजों के पूरे रिटिन्यू के साथ यात्रा करता है. इसके साथ ही एक पनडुब्बी के भी उपस्थित होने की सूचना मिली थी. यह सब देख कर कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने राजीव की अवकाश योजनाओं के अनुरूप नौसेना को उसके सबसे प्रभावी लड़ाकू घटक से वंचित करने के औचित्य पर सवाल उठाया था. अवकाश की अवधि के लिए अगत्ती (लक्ष्यद्वीप) में एक विशेष उपग्रह लिंक स्थापित करने में भी काफी खर्च किया गया था. राजधानी दिल्ली से शराब की एक खेप भी लाई गई. अगत्ती में 100 मुर्गियों के साथ एक पोल्ट्री फार्म स्थापित किया गया था. चीनी और ताज़ी पकड़ी गई मछलियों के अलावा, लक्षद्वीप के पपीते, सपोटा, छोटे पीले केले, और अमरूद जैसे द्वीप फल भेजे गए. कवर्त्ती से मक्खन और कुछ 100 डबलरोटी (ब्रेड) की लोव्स भेजी गई. कोचीन से कैडबरी की चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स के 40 क्रेट, मिनरल वाटर की 300 बोतलें, अमूल चीज़, काजू, मीठा चूना, मसाला, 20 किलो आटा, 105 किलो बासमती चावल और ताज़ी सब्जियाँ भी मंगाई गई थी. बाकी प्रोडक्ट्स की पहली खेप 23 दिसंबर को जहाज से बांगरमऊ लाई गई थी. इसकी दूसरी खेप तीन दिन बाद 1 जनवरी को पहुंची.

मतलब एक आम इंसान जिस ठाट की सिर्फ कल्पना कर सकता है, वो राजीव गांधी के ज़माने में संभव हुआ. आज जब नरेंद्र मोदी बनाम विपक्ष की लड़ाई चल रही है, तब यह जानना बहुत ज़रूरी हो जाता है कि आखिर इस देश में पूर्व के प्रधानमंत्रियों ने क्या किया है.

एक प्रधानमंत्री की निजी पार्टी के लिए देश की सुरक्षा से समझौता कर लिया जाता है. यह तो हमारी किस्मत अच्छी थी कि इस अंतराल के समय हमारे देश पर दुश्मन देशों ने हमला नहीं किया नहीं तो हमारी समुद्री सीमा को एक बड़ा खतरा होता. इन सब बातों से अनजान राजनीति और फिल्मी सितारों का गठजोड़ लक्ष्यद्वीप को चकाचौंध से भर रहा था. राहुल गांधी आज मंच दर मंच गरीबों की बात करते हुए जब घूमते हैं तो यह खबर उनके मुंह पर उनको चिढ़ाती है.

आज राजीव गांधी अपना बचाव करने के लिए दुनिया में नहीं है. यदि होते भी तो भी ऐसे विषय पर अपना बचा नहीं कर पाते. सवाल यह उठता है कि आखिर देश के संसाधन राज कर रही पार्टी के मुखिया के किस प्रकार से हो गए. आज आप बस नरेंद्र मोदी को देश के किसी संसाधन को अपने निजी कार्य के लिए इस्तेमाल करने की कल्पना मात्र कीजिए, और देखें कि देश का बुद्धिजीवी वर्ग किस प्रकार से अपने लाव लश्कर के साथ तैयार हो जाता है. 1987 में देश के रक्षा संसाधन का बेजा इस्तेमाल किया गया और बुद्धिजीवी चुप रहे. यह ऐसे अन्याय को उनकी मौन स्वीकृति थी.

देश के ईमानदार करदाताओं के पैसे की ऐसी लूट किसी किताब में लिखने योग्य है ताकि आने वाले समय में हमारी युवा पीढ़ी इस अन्याय को जान सके. आज राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए. यदि यह झूठ है तो उसके भी तथ्य सामने रखे जाने चाहिए. जनता की अदालत में 23 मई को नेताओं का फैसला सुनाया जाएगा, लेकिन किसी न किसी को तो लक्ष्यद्वीप में हुए ठाट का हिसाब करना पड़ेगा. मृत्यु किसी व्यक्ति को उसके निजी गुनाहों के लिए कोई अभयदान नहीं दे सकती.

1 Comment

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    Pawan Kumar
    May 9, 2019 - 6:15 pm

    Congress chor hai

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