कश्मीर में 3 साल कि बच्ची के साथ रेप, इस्लामिक संगठन आरोपी को नाबालिग़ बता कर रहा बचाव की कोशिश

कठुआ रेप केस के बाद घाटी को एक और नए रेप केस ने दहला दिया है. जम्‍मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले के सुंबल इलाके में 3 साल की एक बच्‍ची से बलात्‍कार का मामला सामने आया है. बलात्कार के विरोध में जहाँ धार्मिक-सह-अलगाववादी संगठन की ओर से हड़ताल की गई वहाँ इस केस में देशभर के इंटेलेक्चुअल्स की तरफ़ से कोई भी चर्चा नहीं हुई .

इफ्तार से ठीक पहले गांव में बच्ची को टॉफी का लालच देकर अगवा किया और उसे हवस का शिकार बनाया. बच्‍ची को श्रीनगर के एक अस्‍पताल में रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इन सब के बीच सबसे भयानक ख़बर जो आ रही वो यह है कि आरोपी को नाबालिग़ बताकर सज़ा से बचाने की कोशिश की जा रही है. आपको बता दें कि निर्भय कांड में भी निर्भय के निजी अँगो में रॉड डालने वाला दरिंदा भी नाबालिग़ होने के चलते आज आज़ाद घूम रहा है.

इस क़दम के पीछे शायद यही सोच कि जब निर्भय जैसी घटना में भी आरोपी के नाबालिग़ होने के कारण सज़ा नहीं हुई तो इसमें भी नहीं होगी. इस्लामिक एजूकेशनल ट्रस्ट नामक एक संगठन ने आरोपी का जन्म प्रमाण पत्र पेश किया है जिसके अनुसार वह नाबालिग़ है.

इस पर IAS और श्रीनगर के कमिश्नर ने भी ट्वीट किया

पर इन सबके बावजूद भी यह सवाल रह जाता है कि कठुआ रेप केस के समय राजनीतिक और धार्मिक फ़ायदे के लिए जो लोग तख़्तियाँ लिए हर सोशल मेडिया प्लेटफ़ॉर्म पे नज़र आ रहे थे वह कहाँ है? क्या उनका मक़सद केवल हिंदुओं को बदनाम करना ही था या वो सच में बच्ची को इंसाफ दिलाना चाहते थे?

कहाँ हैं तख़्तियाँ जिसमें लिखा हो कि ”I am ashamed of this Kashmiriyat”. इन सब के बीच आप सबसे बड़ा आघात उन बच्चियों को पहुँचा रहे हैं जो ऐसी दरिंदगी का शिकार होती हैं. क्योंकि आपका आउट्रेज बच्ची के धर्म या आरोपी के धर्म के अनुसार होता है.

तख़्तियाँ लेकर भले ही ना खड़े हो पर कम से कम आप एक ट्वीट एक पोस्ट एक वीडियो तो डाल सकते हैं बच्ची को इंसाफ़ दिलाने की गुहार लगाते हुए?

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Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

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