लंका विस्फोट: चन्द सवाल आम मुसलमानों से

श्रीलंका में हुए बम विस्फोटों ने दुनिया को दहला दिया है। ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों में तीन सौ से ज्यादा लोग मारे गए हैं और कई सौ घायल हुए हुए हैं। बताया जाता है कि ये धमाके एक मुस्लिम अतिवादी संगठन नेशनल तौहीद जमात के मुजाहिदीन ने किए है। और अब तो इसकी जिम्मेदारी इस्लामिक इस्टेट ने भी ले ली है। कहा जा रहा है कि ये हत्याएं न्यूजीलैंड में मुसलमानों की मौत का बदला लेने के लिए की गई हैं।

पिछले कई सालों में दुनिया का कोई ही हिस्सा ऐसा बचा होगा जहां बेगुनाह लोगों को कोलम्बो जैसी सामूहिक हिंसा का निशाना न बनाया गया हो। 2018 से लेकर अब तक ही कोई तीस ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। ये खूनखराबा कहीं संगठित इस्लामी संगठनों ने किया है तो कहीं अकेले किसी धर्मान्ध पागल ने ”इस्लाम को बचाने ” के नाम पर किसी की जान ले ली है। इस्लाम के नाम पर ये मारकाट तकरीवन हर जगह हुई है – रूस, ईराक, अफगानिस्तान, सोमालिया, फ्रांस, भारत, ब्रिटेन , आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, स्वीडन, नीदरलैंड, कीनिया, मोरक्को , जार्डन वेल्जियम, श्रीलंका, स्पेन, मिस्त्र, तुर्की….. एक लंबी सूची है।

सवाल है कि इस्लाम के नाम पर मारकाट करने वालों के मन में ऐसा क्या है जो दूसरी सोच रखने वालों को जिन्दा ही नहीं देखना चाहते? ऐसा क्या गुस्सा है जो इस तरह कि बहशियाना हरकतों में में तब्दील हो रहा हैं? ये भी सही है कि ये वारदातें उन देशों में भी हुईं है जो अपने आप को इस्लामी कहते हैं। यानि ये आतंकवादी स्वधर्मियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। उनका ये ‘सच्चा इस्लाम’ दरअसल क्या है? ये लंम्बी बहस का मुद्दा है और इसे धर्मगुरूओं के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए। ये सवाल मन में जरूर आता है कि वो कैसा मजहब है जो आपको हर उस इंसान को मारने की इजााजत देता है जो आपके तौर तरिको को नहीं मानता ?

परंतु सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इन वारदातों को लेकर दुनिया भर के आम मुसलमानों का रवैय्या क्या है? क्या इन हत्यारों को वो मुसलमान मानते है? क्या वे ये समझते हैं कि खून-खराबा करने वालें उनके मजहब के नाम को बदनाम कर रहे है? जाहिर है कि वे ऐसा ही सोचते होगें। तो फिर उनके खिलाफ वे खड़े क्यों नहीं होते? आवाज बुलंद क्यों नहीं करते? क्या उनका ये फर्ज नहीं है कि वे ऐसे लोगों को अपने मज़हब से बाहर का रास्ता दिखाएं? दुनिया को बताएं कि सच्चा इस्लाम ये नहीं है।

15 मार्च को न्यूजीलैंड के क्राईस्टचर्च में एक सिरफिरे ईसाई ने दो मस्जिदों पर हमला करके 50 को मार डाला था। लेकिन उसके बाद तकरीबन पूरे न्यूजीलैंड में इसकी निंदा ही नहीं हुई बल्कि वहां की सरकार, स्वंयसेवी संगठनों, ईसाई संगठनों और आम लोगों ने सड़क पर आकर मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। हत्यारे ब्रेंटन तारेंट को ईसाइयों के किसी वर्ग ने भी अपनाया नहीं था। किसी देश और वर्ग ने उसे ”मुजाहिदीन ” बताकर महिमामंडित नहीं किया था। मेरा मूल प्रश्न है कि जैसा न्यूजीलैंड के समाज ने किया, ऐसा मुस्लिम समाज क्यों नहीं करता?

मेरा मानना है कि आम मुसलमान भी इन घृणित अपराधों पर उतना ही उद्वेलित होता होगा जितना कि अन्य किसी मजहब को मानने वाला। पर उनकी ये सोच सार्वजनिक क्यों नहीं होती? क्या दुविधा है जो उन्हें सामने आकर अपनी बात जोरदार तरीके से कहने से रोकती है? मुस्लिम समाज को इस दुविधा से उबरना ही होगा।

ये सही है कि ‘आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। परंतु ये तथ्य भी निर्विवाद है कि पिछले दशक में आतंक की जितनी घटनाएं दुनिया भर में हुई हैं उनमें से कुछ अपवादों को छोड़कर सारी की सारी कथित इस्लामी जिहादियों ने की है। हैरानी की बात है कि ‘सच्चे इस्लाम’ के नाम पर ये खूनखराबा मुस्लिम देशों में भी जारी है। ये मारकाट इस्लाम के नाम पर हो रही है इससे कौन इंकार कर सकता है? तो फिर दुनिया के गैर मुस्लिम लोग इस्लाम को लेकर अपने-अपने नतीजे निकालेंगे ही।सवाल है, इस दोषारोपण से इस्लाम और उसके मानने वाले कैसे बच सकते है?

याद करने की बात है कि 2005 में जब डेनमार्क के अखबार जिलैंडस पोस्टन ने कार्टून में मुहम्मद साहब को दर्शाया था तो दुनिया भर में मुसलमान सड़को पर आ गए थे। भारत में भी उग्र प्रदर्शन हुए थे। मुस्लिम समाज का तर्क था कि ये असंवेदनशील कार्टून उनके मजहब की मर्यादा को खत्म करते थे और इससे इस्लाम का अपमान हुआ। दुनिया ने इसका वैचारिक विरोध होने के बाद भी उनके इस तर्क को माना। परंतु यह संवेदनशीलता एकतरफा ही क्यो लगती है?

इसका एक ही तरीका है कि दुनिया के हर देश में बसने वाले शान्तिप्रिय आम मुसलमान अपने मजहब की कमान अपने हाथ में लें। वे बाहर निकले और जोर से कहें कि मासूमों का खून बहाने वाले मुसलमान है ही नहीं। ऐसे हत्यारों और उनसे किसी किस्म का वास्ता रखने वालों का सामाजिक बहिष्कार करें। उनसे रोटी बेटी का रिश्ता तोड़े। डर कर अगर आप मौन बनें रहेंगे तो फिर आप भी उस पाप से नहीं बच सकते जो आपके नाम पर ये दरिंदे कर रहें है।

हमें याद रखना चाहिए कि द्रौपदी के चीरहरण के दोषी उतने ही द्रोणाचार्य, भीष्म पितामह और धृतराष्ट्र भी थे जितने कि दुशासन और दुर्योधन।

सही कहा है:-
‘जो तटस्थ थे समय लिखेगा उनका भी अपराध।’

उमेश उपाध्याय
उमेश उपाध्याय एक वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और विचारक हैं। उन्होंने अपना व्यावसायिक जीवन दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्राध्यापक के रूप में प्रारम्भ किया था। उन्होंने देश के कुछ प्रतिष्ठित मीडिया प्रतिष्ठानों जैसे पीटीआई, ज़ी टीवी, होम टीवी, सब टीवी, जनमत और नेटवर्क 18 में उच्च प्रशासनिक और सम्पादकीय पदों पर कार्य किया है। वे अक्टूबर 2015 तक नेटवर्क 18 के अध्यक्ष भी रहे।

33 Comments

  1. Avatar
    May 2, 2019 - 6:44 pm

    Hello Dear, are you actually visiting this website on a regular basis,
    if so afterward you will definitely obtain pleasant know-how.

    Reply
  2. Avatar
    May 13, 2019 - 4:56 am

    I think this is among the most vital info for me.
    And i’m glad reading your article. But wanna remark on few general
    things, The site style is wonderful, the articles is
    really nice : D. Good job, cheers

    Reply
  3. Avatar
    May 13, 2019 - 6:59 am

    Asking questions are actually nice thing if you are not understanding anything completely, however this paragraph presents nice understanding
    yet.

    Reply
  4. Avatar
    May 14, 2019 - 9:55 am

    Pretty! This was a really wonderful article. Thank you
    for providing these details.

    Reply
  5. Avatar
    May 28, 2019 - 9:31 pm

    Wonderful web site. A lot of helpful info here. I’m sending it to some friends ans additionally sharing
    in delicious. And certainly, thank you on your sweat!

    Reply
  6. Avatar
    May 29, 2019 - 4:59 pm

    I do not even know how I ended up here, but I thought this post was great.
    I don’t know who you are but certainly you are going to a
    famous blogger if you are not already 😉 Cheers!

    Reply
  7. Avatar
    May 31, 2019 - 4:36 am

    I’m not that much of a internet reader to be honest but your
    sites really nice, keep it up! I’ll go ahead and bookmark
    your website to come back later. Many thanks

    Reply
  8. Avatar
    June 3, 2019 - 12:05 am

    I’m not sure where you’re getting your info, however great topic.
    I needs to spend a while finding out more or working out
    more. Thank you for magnificent info I was looking for this info for my
    mission.

    Reply
  9. Avatar
    June 5, 2019 - 4:34 am

    Nice blog here! Also your website loads up very fast!
    What host are you using? Can I get your affiliate link to
    your host? I wish my website loaded up as quickly as yours
    lol

    Reply
  10. Avatar
    June 6, 2019 - 1:47 pm

    Thank you for the good writeup. It in fact was a amusement account it.
    Look advanced to more added agreeable from you! However, how could we communicate?

    Reply
  11. Avatar
    November 23, 2019 - 3:10 pm

    Hi there! This blog post couldn’t be written much better!
    Reading through this article reminds me of my previous roommate!
    He constantly kept talking about this. I am going to forward this post to him.
    Pretty sure he will have a great read. Many
    thanks for sharing!

    Reply
  12. Avatar
    January 13, 2020 - 9:48 am

    absolutely fix generic viagra online free raw generic
    viagra sales such result viagra uk better breakfast [url=http://viagenupi.com/#]generic viagra 100mg[/url] altogether analyst generic viagra 100mg strange tomorrow http://viagenupi.com/

    Reply
  13. Avatar
    January 15, 2020 - 5:24 am

    morning company [url=http://cialisles.com/#]cialis 20mg[/url] forth database much animal cialis usa alone deal cialis 20mg fair carry http://cialisles.com/

    Reply
  14. Avatar
    January 15, 2020 - 5:24 am

    morning company [url=http://cialisles.com/#]cialis 20mg[/url] forth database much animal cialis usa alone
    deal cialis 20mg fair carry http://cialisles.com/

    Reply
  15. Avatar
    January 15, 2020 - 11:51 am

    daily bike viagra for sale cool apartment generic viagra
    usa hard heart viagra for sale near fault [url=http://viacheapusa.com/#]viagra usa[/url] false resource viagra
    for sale clearly damage

    Reply
  16. Avatar
    January 16, 2020 - 7:41 pm

    Levitra Medicament Buy Propecia No Rx Buy Cialis Levitra Cuanto Tomar Buy Kamagra Lione

    Reply
  17. Avatar
    January 17, 2020 - 4:22 am

    Pedidos De Viagra Cialis 20 Mg Costo Farmacia Viamedic Coupons Buy Cialis Macrobid 100mg How To Buy Free Consultation

    Reply
  18. Avatar
    January 17, 2020 - 12:42 pm

    tourist shirt generic viagra sales cheap initial
    exactly safety where to buy viagra strongly train please principle generic viagra abroad strain [url=http://viatribuy.com/#]buy generic cheap viagra online[/url] tomorrow red
    online viagra else wrap http://viatribuy.com/

    Reply
  19. Avatar
    January 17, 2020 - 12:43 pm

    tourist shirt generic viagra sales cheap initial exactly safety where to buy viagra strongly train please principle generic viagra abroad strain [url=http://viatribuy.com/#]buy
    generic cheap viagra online[/url] tomorrow red online viagra else
    wrap http://viatribuy.com/

    Reply
  20. Avatar
    January 19, 2020 - 1:53 am

    fully gather viagra without subscription almost western no rx viagra
    ultimately friendship generic viagra cost frequently hook [url=http://www.vagragenericaar.org/#]no rx viagra[/url]
    only duty generic viagra fast shipping already warning http://www.vagragenericaar.org/

    Reply
  21. Avatar
    January 19, 2020 - 1:53 am

    fully gather viagra without subscription almost
    western no rx viagra ultimately friendship generic viagra cost frequently hook [url=http://www.vagragenericaar.org/#]no
    rx viagra[/url] only duty generic viagra fast shipping already warning http://www.vagragenericaar.org/

    Reply
  22. Avatar
    January 20, 2020 - 2:05 pm

    least teacher [url=http://cavalrymenforromney.com/#]buy cenforce[/url] suddenly drink totally keep buy cenforce 150 in usa normally award buy cenforce simply home http://cavalrymenforromney.com/

    Reply
  23. Avatar
    January 20, 2020 - 2:05 pm

    least teacher [url=http://cavalrymenforromney.com/#]buy cenforce[/url] suddenly drink totally keep buy cenforce
    150 in usa normally award buy cenforce simply home http://cavalrymenforromney.com/

    Reply
  24. Avatar
    February 15, 2020 - 7:45 am

    delay [url=http://viarowbuy.com/#]viagra online prescription[/url] buying viagra online uk viagra generic availability shit http://viarowbuy.com

    Reply
  25. Avatar
    February 15, 2020 - 7:46 am

    delay [url=http://viarowbuy.com/#]viagra online prescription[/url] buying
    viagra online uk viagra generic availability shit http://viarowbuy.com

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *