क्या है टिकटोक की लोकप्रियता का कारण?

टिकटोक का खुमार क्या बड़े क्या छोटे आम आदमी क्या सेलेब सबके सर पर चढ़ कर बोल रहा है. पर ये टिक टोक है क्या और ऐसा क्या हुआ कि यह हर व्यक्ति की जुबां पर है. TikTok एक सोशल मीडिया ऐप्लिकेशन है जिसे आप स्मार्टफोन पर यूज कर सकते हैं. इस ऐप के जरिए स्मार्टफोन यूजर छोटे-छोटे वीडियो बना सकते हैं.

हालांकि इसमें वीडियो की समय सीमा 15 सेकेंड तक के वीडियो बना सकते हैं. टिक टॉक को 2016 में चीनी कंपनी ने लाँच किया था. हालांकि इसकी लोकप्रियता साल 2018 से तेजी से बढ़ी .

गूगल प्ले स्टोर पर टिक-टॉक का परिचय ‘Short videos for you’ (आपके लिए छोटे वीडियो) कहकर दिया गया है. डाउनलोड के मामले में अमेरिका सबसे ऊपर है पर भारत भी पीछे नहीं है. भारत में इसके डाउनलोड का आंकड़ा 100 मिलियन के ज्यादा है. एक रिपोर्ट के अनुसार इसे हर महीने लगभग 20 मिलियन भारतीय इस्तेमाल करते है. आठ मिलियन भारतीय लोगों ने गूगल प्ले स्टोर पर इसका रिव्यू किया है, जो इसकी लोकप्रियता का बयान ख़ुद ब ख़ुद करती है.

टिक-टॉक से वीडियो बनाते वक्त आप अपनी आवाज का इस्तेमाल नहीं कर सकते, ‘लिप-सिंक’ करना होता है. यानि गाने या डायलॉग के हिसाब से होंठ चलाने पड़ते हैं. टिकटोक प्रतिभा दिखाने के साथ साथ कमाई का भी जरिया बन गया है.

आइए कुछ ख़ास बातों पर रोशनी डालते हैं जो इसकी लोकप्रियता का कारण बनी

  • यूट्यूब के मुक़ाबले टिकटोक के विडीओज़ काफ़ी छोटे होते हैं, जिससे त्वरित संतुष्टि मिलती है. टिकटोक के विडीओज़ केवल 15 सेकंड के होते हैं वहीं यूट्यूब के अवरेज 4 मिनट 20 सेकंड के. मतलब जब तक आप एक यूट्यूब विडीओ देखेंगे उतने में टिकटोक के 17 विडीओज़ देख सकते हैं.
  • टिकटोक को बनाया ही मोबाइल के लिए गया है. यूट्यूब के मुक़ाबले टिकटोक पर दूसरा वीडीयो देखना त्वरित ही नहीं बल्कि काफ़ी आसान भी है . आपको कुछ पसंद ना आए तो आप तुरंत दूसरा वीडियो देख सकते हैं. अवधि कम होने के चलते समय व्यर्थ जाने का भी दुःख नहीं रहता. टिकटोक फिर आपकी पसंद के हिसाब से ही आपको वीडियो दिखाता है ताकि आप और समय व्यतीत करें.
  • टिकटोक पे वीडियो देखने के लिए आपको अकाउंट बनाने की भी आवश्यकता नहीं, आपको लोगिन करने या किसी को फ़ॉलो करने की भी आवश्यकता नहीं है.
  • सबसे ख़ास बात यह है कि टिकटोक से आप आसानी से वीडीयो GIF या नॉर्मल वीडियो में डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए आपको अलग से कोई प्लेयर भी नहीं डालना पड़ेगा.
  • कोई भी साउंड इफ़ेक्ट, एडिटिंग, मिक्सिंग, लाइटिंग एड करना आसान है, वीडियो शेयर करना आसान है.
  • यही नहीं हर वीडीयो में आपको यूज़र का आइ. डी. भी मिल जाएगा जिससे आप यह भी पता लगा सकते हैं कि यह किसने बनाया है. इसके अलावा एक और ख़ास बात यह कि वीडीयो के नीचे आपको उसमें इस्तेमाल किया गए ऑडीओ का अरिजिनल लिंक भी मिलेगा, और उस पर क्लिक करने पर वह ऑडीओ जिस जिस ने भी इस्तेमाल किया है उन सब के वीडियो भी मिलेंगे.
  • उदाहरण के तौर पर पर महाराष्ट्र के औरंगाबाद की 19 साल की विष्णुप्रिया नायर को टिक-टॉक ऐप पर उनके ‘खुदा की इनायत’ गाने ने स्टार बना दिया. लोगों को यह गाना इतना पसंद आया कि 10 दिन में उनके 23 लाख फॉलोअर्स भी बन गए हैं और इनकी तादाद बढ़ती जा रही है.

टिकटोक पर बैन का कुछ असर हो ना हो यह बात तो तय है कि इसने गाँव और छोटे क़स्बों के लोगों को मुख्यधारा से जुड़ने और सोशल मीडिया में फ़ेमस होने का मौक़ा दिया है. ख़तरे इसके कई हैं पर वो इसके बैन से नहीं हटेंगे, उसके लिए सरकार अलग नियम व क़ानून तैयार करने होंगे.

Rashmi Singh
Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.

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