बेगाने गम में रोता एलीट अब्दुल्ला

पेरिस के प्रसिद्ध चर्च नौत्रे-डैम में कल आग लग गयी. 900 साल पुराने इस चर्च में आग लगने के बाद बहुत से लोगों को दुख हो रहा है. होना भी चाहिए, इतिहास के इतने पुराने प्रमाण में आग लगी है. क्षति भारी है. उपर से धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं.सोशल मीडिया पर नौत्रे-डैम ट्रेंड करता रहा. लोग ट्वीट करते रहे. फोटू-वोटू के साथ दुख वाली इमोजी से भरे हुई कंडोलेन्स मैसेज भी आते रहे. लगा जैसे अब दुनिया में यह सबसे दुखी कर देने वाली घटना है. हमारे देश के कुछ लोगों की अश्रुपूरित सांत्वना देखकर तो हमें रोना आ गया कि कितने भोले लोग हैं.  लेकिन यहां के दोमुँहा रवैये से थोड़ी दिक्कत हो रही है. 

जब मदुरई के मीनाक्षी मंदिर में पिछले साल आग लगी थी, तब न्यूज़ चैनलों पर इसकी खबर भी ढूंढना मुश्किल हो रहा था. उससे भी बड़ी बात ये है कि देश के बहुसंख्यक आबादी की भावनाएं आहत हुई थी. फिर भी किसी ने इतने आंसू नहीं गिराए. दरअसल, यहां बात ट्रेंड में चल रही भेड़चाल से है. भेड़चाल ऐसी की दुनिया जहाँ चल रही है चल दो. जहां टेसुए बहाए जा रहे, वहां जा कर टेसुए बहा दो. यही आज की सच्चाई बन चुकी है. दुर्भाग्य यह है कि अपनी ही संस्कृति के लिए इनका कोई योगदान नहीं है. जब इनको बताया जाए तो इन्हें कोई दिलचस्पी भी नहीं दिखती. 

यह सच्चाई हमें सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलती है. दूसरे धर्म को हुई क्षति और आपका दुख आपके कोमल मन के बारे में बताता है. लेकिन अपनी ही संस्कृति को दरकिनार कर उसको हुई क्षति पर जब आपका हृदय व्यथित नहीं होता तो वही कोमलता दोमुँहा रवैया जैसे लगने लगता है. देश की स्थिति देख कर दुख होता है. वैसे अपनी संस्कृति के लिए आपके मन की भावनाएं कोई दूसरा नहीं जगा सकता है. यह तो स्वयं ज्ञान से ही प्राप्त होता है कि आपके अस्तित्व का प्रमाण आपकी संस्कृति ही है. वैसे भारत का एलीट ग्रुप कुछ ज़्यादा ही भारत की सीमा के पार भावनाएं प्रकट करने के लिए जाना जाता है. खैर, हम पेरिस के लोगों को हुई इस भारी क्षति के लिए उनको सांत्वना ही दे सकते है. वैसे यही सांत्वना देश के अंदर कुछ लोगों भी हम देते हैं. 

3 Comments

  1. Avatar
    November 24, 2019 - 6:21 am

    With havin so much content do you ever run into any issues of plagorism
    or copyright infringement? My site has a lot of exclusive content I’ve either created myself or outsourced but it seems a lot of it is popping it up all over
    the web without my agreement. Do you know any methods to help reduce content from being stolen? I’d truly appreciate it.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *