चाबहार पोर्ट के संचालन से भारत मज़बूत

वैसे तो चीन की नीति से पूरी दुनिया परिचित है, परंतु जिस प्रकार से उसकी बढ़ती हुई ताकत अमेरिका को चुनौती दे रही है, भारत भी इससे अछूता नहीं है. चीन लगातार भारत को घेरने की जो कवायद कर रहा है और पाकिस्तान के साथ उसके सम्बन्धो और सहयोग को मिलकर देखे तो भारत के लिए काफी बढ़ी चुनौती हैं.

चीन की नई रणनीति में भारत के पड़ोसी देशों में बंदरगाहों के निर्माण में अपना सहयोग देने के नाम पर काफी बड़ा निवेश किया जा रहा है. म्‍यांमार, बांग्‍लादेश, श्रीलंका, पाकिस्‍तान और मालद्वीप में चीन इसी नीति पर आगे बढ़ता जा रहा है. अफ्रीकी महाद्वीप स्थित जिबूती में अपनी नौसेना का बेस बनाने के बाद अब वह नामिबिया में भी एक बंदरगाह के निर्माण में जुटा है. चीन की यह बेचैनी सीधे तौर पर भारत पर रोक लगाने और उस पर करीबी निगाह रखने को लेकर है. चीन मानता है कि दक्षिण एशिया में भारत की जो स्थिति है वह उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती है.

भारत के प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी यह एक बहुत बड़ा सिरदर्द था कि चीन के लगातार बढ़ते हुए कदमों को कैसे रोका जाए? परंतु भारत ने अब इसका तोड़ निकाल लिया है. चाबहार बंदरगाह! भारत ने औपचारिक रूप से ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह पर परिचालन का प्रभार ले लिया है, जिससे पश्चिम और मध्य एशिया के लिए इसकी कनेक्टिविटी पहल को काफी बढ़ावा मिला है. चाबहार बंदरगाह, युद्ध-ग्रस्त अफ़गानिस्तान के समर्थन के लिए भारतीय स्थापना सहायता देश के प्रयासों द्वारा की गई सबसे सफल रणनीतिक पहल में से एक है.

प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिक योजना का एक हिस्सा उनका ओमान का दौरा भी रहा. उन्होंने अपने ओमान के दौरे के समय भारतीय नौसेना की पहुँच ओमान के दुक्म पोर्ट तक ले जाने में सफलता प्राप्त की है. यह चीन के लिए एक खुली चुनौती थी. भारत ने साफ तौर पर यह बता दिया कि चीन की हर रणनीति पर भारत की नज़र बनी हुई है. भारत और ईरान एक “तरजीही व्यापार” समझौते (PTA) को अंतिम रूप देने के लिए भी तैयार हैं, जो भविष्य में लागू होगा. तेहरान में भारत के राजदूत सौरभ कुमार ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच दो समझौतों-एक पीटीए और एक संयुक्त निवेश समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत हो रही है.

भारत और ईरान पहली बार 2003 में चाबहार के शाहिद बेहेशती बंदरगाह को विकसित करने की योजना पर सहमत हुए थे. लेकिन ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों के कारण योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका था. मई 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ईरानी समकक्ष के साथ शाहिद बेहेशती बंदरगाह पर एक बर्थ को पुनर्जीवित करने और बंदरगाह पर 600 मीटर लंबे कंटेनर हैंडलिंग सुविधा का पुनर्निर्माण करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. चाबहार भारत के लिए प्रभाव के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह चीन द्वारा विकसित किए जा रहे ग्वादर के पाकिस्तानी बंदरगाह के पश्चिम में सिर्फ 76 समुद्री मील (150 किमी से कम) पर स्थित है. यह ग्वादर से बाहर चीनी या पाकिस्तानी सैन्य गतिविधि पर नज़र रखने के लिए इसे आदर्श बनाता है. यह चीन और पाकिस्तान के ‘वैश्विक महागठबंधन’ की भी काट है. चाबहार, दक्षिण-पूर्वी ईरान के मकरान तट में स्थित एक अत्यधिक ऊर्जा संपन्न तट है जो सागर तक सीधी पहुंच वाला एकमात्र ईरानी बंदरगाह है परंतु यह एक अविकसित मुक्त व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र है.

चाबहार परियोजना ईरान, अफगानिस्तान जैसे देशों को उत्कृष्ट कनेक्टिविटी का अवसर प्रदान करती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मध्य एशिया क्षेत्र में माल परिवहन के लिए पाकिस्तान भूमि गलियारों और कराची बंदरगाह को बाईपास करती है. भारत ने पहले से ही अधिक कनेक्टिविटी लाने के लिए अफगानिस्तान में आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है और इस क्षेत्र का उपयोग आर्थिक और रणनीतिक दोनों पहलों के लिए भी किया है. भारत ने 2009 में जरीन-डेलाराम सड़क का निर्माण पहले ही कर लिया था, जो अफगानिस्तान के गारलैंड हाइवे तक पहुँच प्रदान करने के लिए है, जिससे अफगानिस्तान के चार प्रमुख शहरों- हेरात, कंधार, काबुल और मजार-ए-शरीफ तक परिवहन की सुविधा मिल सके. चाबहार से अफगानिस्तान में ज़ारंज तक ओवरलैंड का उपयोग भी बनाया जा रहा है, जो नवनिर्मित बंदरगाह से लगभग 900 किमी दूर है.

चाबहार बंदरगाह भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मुंबई और कांडला के भारतीय पश्चिमी बंदरगाहों से आसानी से पहुँचा जा सकता है. इस परियोजना से ईरान और भारत दोनों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा, क्योंकि ईरान को इस क्षेत्र में बहुत आवश्यक निवेश प्राप्त हैं और भारत को सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से लाभ मिलता है.

चाबहार भारत के लिए नए व्यापार और निवेश के अवसरों को खोलने के लिए तैयार है. यह भारत के आर्थिक ढांचों को सुदृढ़ कर नए अवसरों को खोलता है. दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान का ‘महागठबंधन’ इससे निश्चित रूप से प्रभावित होगा. अब जरा देखिये कि इससे पाकिस्तान और चीन को किस प्रकार से बड़ा झटका लगा है. चाबहार बंदरगाह पर 10 साल की ‘लीज अवधि’ के दौरान भारत द्वारा 852.1 करोड़ डॉलर के निवेश का खाका तैयार है. भारत अब इस बंदरगाह का संचालन करेगा. इसके अंतर्गत इसमें उपकरण व अन्य आवश्यक सामग्रियां भी शामिल होंगे. 34 करोड़ डॉलर वाली इस परियोजना का निर्माण सरकारी निर्माण परियोजना की कंपनी खातम अल-अनबिया ने किया है.

इसके साथ ही इसके एक्सटेंशन में पांच नए घाट शामिल हैं जिनमें से दो कंटेनर के लिए है. ये एक लाख टन की क्षमता वाले वैसल्स को डॉक तक पहुंचाने में मदद करेंगे. चाबहार बंदरगाह से ईरान की हिंद महासागर से दूरी घट जाएगी जो प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से करीब 80 किलोमीटर ही दूर है. पाकिस्तान ग्वादर बंदरगाह का निर्माण चीन के पैसे से करवा रहा है. निश्चित रूप से यह पाकिस्तान के ऊपर न केवल कर्ज़ का एक बड़ा बोझ डालेगा बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ी को अपनी गाढ़ी कमाई से वो कर्ज़ उतारना होगा. अब पाकिस्तान जैसे देश का दुश्मन जब भारत हो, तो सिर्फ भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए वो खुद को तबाह करने के लिए भी तैयार है, ज़ाहिर सी बात है.

06 मई 2015 में भारत ने चाबहार बंदरगाह के विकास हेतु द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. सबसे बड़ी बात यह है कि यह विदेश में स्थित भारत का पहला बंदरगाह होगा जो भारत के मूंदड़ा पोर्ट से केवल 940 किमी की दूरी पर है. यह पोर्ट रेल तथा रोड के माध्यम से ईरान द्वारा बनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय उत्तर -दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से भी जुड़ जाएगा. इसके माध्यम से भारत अपना सामान मध्य एशिया तथा रूस तक पहुंचाने में सक्षम होगा जो भारत के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है. भारत को इससे सभी देशों को व्यापार का एक नया अवसर प्राप्त होगा. ईरान चाबहार पोर्ट में फ्री ट्रेड इंडस्ट्रियल जोन भी बना रहा है जो ईरान और भारत दोनों के लिए आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होगा. चाबहार पोर्ट का सामरिक महत्व भी है जो कि आने वाले समय में दक्षिण-एशिया, मध्य -एशिया तथा पश्चिम-एशिया के दूसरे बड़े व्यापार केंद्रों को भी जोड़ने का काम करेगा.

चाबहार पोर्ट भारत के माल को मध्य-एशिया ईरान की खाड़ी तथा पूर्वी-यूरोप तक एक तिहाई समय में पहुंचाने का काम करेगा और भाड़े में भी कटौती होगी. इसका मतलब भारत के लिए यह एक सस्ता टिकाऊ और मज़बूत नींव है. निश्चित रूप से इससे चीन और पाकिस्तान के ‘वैश्विक महागठबंधन’ को झटका लगा है.

.

Pic Credit – The Sentinel

16 Comments

  1. Avatar
    May 2, 2019 - 1:34 pm

    Hi friends, nice post and good urging commented at this place, I am actually enjoying by these.

    Reply
  2. Avatar
    May 6, 2019 - 12:49 pm

    I am in fact thankful to the owner of this web page
    who has shared this great piece of writing at here.

    Reply
  3. Avatar
    May 12, 2019 - 5:53 am

    I am curious to find out what blog system you’re utilizing?

    I’m having some small security problems with my latest website and
    I’d like to find something more safe. Do you have any solutions?

    Reply
  4. Avatar
    May 14, 2019 - 1:30 am

    I have read so many articles about the blogger lovers except this paragraph is in fact a nice article, keep it up.

    Reply
  5. Avatar
    June 2, 2019 - 4:20 pm

    I am sure this post has touched all the internet viewers, its really really nice paragraph on building up new webpage.

    Reply
  6. Avatar
    June 4, 2019 - 1:08 am

    Hello, its fastidious article regarding media print,
    we all be aware of media is a wonderful source of data.

    Reply
  7. Avatar
    June 5, 2019 - 5:57 am

    Thank you for every other fantastic post. The place else may anybody get that kind of info in such an ideal
    manner of writing? I’ve a presentation subsequent week, and I am at the look
    for such information.

    Reply
  8. Avatar
    January 17, 2020 - 3:48 am

    Il Viagra Aiuta Generic Priligy Tablets Usa Viagra Prices cialis generic Tadalafil 20mg Cephalexin Mixed Devis Levitra

    Reply
  9. Avatar
    January 18, 2020 - 12:56 pm

    Cephalexin For Horses Online Canadian Phar Priligy 30 Preis Cialis Pharmacy Rx World

    Reply
  10. Avatar
    February 1, 2020 - 10:19 am

    kratom concentrate where can you buy kratom size 00 capsules [url=http://kratomsaleusa.com/#]red dragon kratom[/url] kratom legality by state
    red vein borneo kratom http://kratomsaleusa.com/

    Reply
  11. Avatar
    February 1, 2020 - 10:19 am

    kratom concentrate where can you buy kratom size 00 capsules [url=http://kratomsaleusa.com/#]red dragon kratom[/url] kratom legality by state red vein borneo kratom http://kratomsaleusa.com/

    Reply
  12. Avatar
    February 22, 2020 - 2:07 pm

    tadalafil online pharmacy [url=http://buyscialisrx.com/]cialis[/url] indian tadalafil manufacturer generic cialis online tadalafil
    medicine in bangladesh tadalafil 20 mg indicaciones http://www.buyscialisrx.com/ tadalafil dauermedikation

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *