सप्ताहांत की तुकबंदी १३-११-२०१६

पी एम वाइज़
डीमोनिटाइज
ड़ू ऐक्सेप्ट इट
गॉल ऐंड गाइज
काला धन
भारी मन
थोड़ी पीड़ा
ज़्यादा फन
बात की धार
बस धिक्कार
लूट रही है
ये सरकार
पाँच सौ लेता
पर सौ देता
जनता ख़ातिर
चिंतित नेता
रागी दीदी
लुट गई ईदी
क्रोधित बहना
ग़ुस्सा गहना
सड़ी करेंसी
है अरजेंसी
नोट हज़ार
उतरा हार
रोता भाई
संग जमाई
गोबर हो गई
खीर-मलाई
कागद भीजा
अजब नतीजा
चुप चाचा है
दुखी भतीजा
घुटे पुराने
गायें गाने
नवका नेता
लगा ठिकाने
उनका सोना
इसका रोना
राजनीति का
जादू-टोना
बड़ी परिधि है
करुणानिधि है
छाया मातम
ऐसी विधि है
घोर रीऐक्शन
गया इलेक्शन
पॉलिटिक्स का
ये रिफ़्लेक्शन
रद्दी नोट
खटाई वोट
नस को दाब
गया पंजाब
ऐसा धोवा
लटका गोवा
आधी रात
बचा गुजरात
आधा घंटा
गले में टंटा
ये बाज़ार
चार हज़ार
लाइन में है
राजकुमार
सॉलिड डोप
लगा आरोप
मन दिमाग़ से
ग़ायब होप
जन को लाइन
फिर भी फ़ाइन
आयें आगे
अब तो जागे
कष्ट ज़रूर
करप्शन दूर
आज खोद दो
बड़का घूर

Shiv Kumar Mishra
Senior Reporter Lopak.in @shivkmishr

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