इतिहास

जब सरदार पटेल ने मुसलमानों के लिए अलग चुनावी व्यवस्था पर ड्राफ्टिंग कमेटी के ही सदस्य को सुनाई खरी-खरी

देश के सामाजिक और संघीय ढांचे के मध्य हमेशा से ही यह बात उठती आई है कि आखिर अधिकारों को लेकर चर्चा कितने चरणों में पूरी की जा सकती है?

हार : स्त्री की अपने गहनों से भावनात्मक जुड़ाव की एक कहानी

छह महीने भी नहीं हुए थे नई बहू को, घर की हर बात उसे समझ आ गयी थी. धीरे धीरे घर में होने वाले हर निर्णय में उसकी राय भी ली

हास्य व्यंग्य

हॉरर फ़िल्मों से ख़त्म होता हॉरर

एक वक़्त था जब रात मैं रात में हॉरर फ़िल्में देखने से बचा करती थी. देखने का मन होता तो केवल दिन में ही देखती. देखें भी क्यों ना? आख़िर डरने

धर्म संस्कृति

क्या भारत नहीं था आक्रमणकारी? इतिहास का कहना कुछ अलग है

कारगिल विजय दिवस की संध्या पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस देश ने कभी किसी के ऊपर हमला नहीं किया. हम हमेशा से अहिंसा

झूठे धार्मिक नारों के दम पर राजनैतिक एजेंडा!

कूचबिहार में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. वैसे देखा जाए तो एक प्रकार से यह हमारे देश के अंदर बिगड़ती हुई मानसिकता का एक प्रतीक है, लेकिन जब

विचार

कालचक्र की फांस में फंसे चिदंबरम!

इस समय देश के पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम के लिए समय स्थितियों के अनुकूल नहीं है. UPA 1 और 2 क शासनकाल के दौरान किये हुए कुछ