इतिहास

हार : स्त्री की अपने गहनों से भावनात्मक जुड़ाव की एक कहानी

छह महीने भी नहीं हुए थे नई बहू को, घर की हर बात उसे समझ आ गयी थी. धीरे धीरे घर में होने वाले हर निर्णय में उसकी राय भी ली

भगत सिंह आज भी जिंदा हैं और सदा रहेंगे!

1857 की क्रांति के बाद से जब भारत के रणबांकुरों ने हथियार उठाना शुरू किया, उसी समय यह सिद्ध हो चुका था कि अब यहां से आज़ादी दूर नहीं है.

हास्य व्यंग्य

टिपटॉप बने टिकटॉक पर वाह वाह या छि छि!

टेस्ट क्रिकेट के बाद जब एक दिवसीय क्रिकेट आया तो क्रिकेट के शुद्धतावादी इतने बिफरे कि उन्होने क्रिकेट के इस छोटे संस्करण को पजामा क्रिकेट कह डाला. उन शुद्धतावादियों की

धर्म संस्कृति

नोट्रे डैम पर आंसू बहते पर अपने हज़ारो साल पुराने अतुल्य मंदिर के जलने का पता नहीं

दो दिन पहले फ्रांस के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक पेरिस के 850 साल पुराने मध्ययुगीन नॉट्रे-डेम कैथेड्रल में आग लग गई और मुख्य संरचना को छोड़कर भवन की

साध्वी प्रज्ञा पर लिबरल चिल्ल-पों से उभरे सवाल

साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से नामांकित होने के बाद से ही मीडिया और लिबरल समाज यह साबित करने में लगा है की बीजेपी ने अपना असली रूप दिखा दिया और

राजकाज

एग्जिट पोल्स पर ही बिफर पड़े पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’; टीवी स्टूडियो में जारी हुआ वैचारिक ब्लैकआउट

पत्रकारिता के ‘नैतिक पुरुष’ इस समय विचित्र ‘जात संकट’ में फंसे हुए हैं. समझ में यह नहीं आ रहा है कि पांच साल एड़ियां रगड़ने के बाद भी वैचारिक मतभेद

विचार

राजनैतिक बुद्धि क्षीण कर चुकी कांग्रेस की प्रवक्ता ने कहे उत्तर भारतीयों को अपशब्द! हार के कुतर्कों में निकली सबसे आगे

राजनैतिक पार्टियों की हार किस प्रकार से उनकी दूरदृष्टि को क्षीण कर देती है, इसका उदाहरण आप कांग्रेस पार्टी के अंदर देख सकते हैं. किसी चुनाव को हारने के बाद